2 बेटों ने ली अनुकम्पा नियुक्ति

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ग्वालियर के गुठिना गांव में एक शिक्षक की मौत के बाद उसके 2 बेटों द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति लेने का मामला सामने आया है। दरअसल, सरकारी स्कूल में टीचर रहे हरिशंकर श्रीवास्तव की मौत 1988 में हुई थी, जिसके 3 साल बाद 1991 में उनके एक बेटे सुनील श्रीवास्तव ने परिवार के सदस्यों की सहमति से अनुकम्पा में नौकरी ले ली। नौकरी पाने के 4 साल बाद 1995 में उनके दूसरे बेटे अनिल श्रीवास्तव ने भी अपने पिता के मौत पर अनुकम्पा के लिए आवेदन किया और परिवार के सदस्यों की सहमति से सह शिक्षक के रूप में नौकरी ले ली।

इसके बाद सूचना के अधिकार के तहत इस बात का खुलासा होते ही गलत दस्तावेज के आधार पर 22 साल तक नौकरी करने के बाद एक बेटे ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली। सिर्फ इतना ही नहीं उसने विभागीय अफसरों से साठगांठ कर सेवानिवृत्ति पर मिलने वाला भुगतान भी ले लिया।अब विभाग दोनों भाइयों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

मुरैना के आरटीआई विभाग के कार्यकर्ता की जानकारी के बाद यह मामला उजागर हुआ। मामले की जांच उपसंचालक विकास जोशी और सहायक संचालक हरिओम चतुर्वेदी कर रहे हैं। इस मामले में दूसरे बेटे से वेतन के रूप में ली गई राशि जमा करवाई जाएगी और फ़र्ज़ी दस्तावेज़ जमा करवाने के ज़ुर्म में पुलिस में प्रकरण भी दर्ज करवाया जाएगा।

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