ट्रक-बस ऑपरेटर्स की अनिश्चिकालीन हड़ताल का आगाज़

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महंगाई के विरोध में अपनी मांगों को लेकर ट्रक और बस ऑपरेटर्स संगठन आज यानी 20 जुलार्इ से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए हैं| उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जाएगा, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे|

ट्रक और बस ऑपरेटर्स संगठन को मनाने में जुटी सरकार

लगभग 90 ट्रक और 50 लाख बस के पहिये थमने से सरकार की चिंता बढ़ गई है| सरकार अब ट्रांसपोटर्स को मनाने के प्रयास में लगी है| हालांकि हड़ताल शुरू करने से पहले ही संगठन सरकार को चेतावनी दे चुका था, जिसके बाद सरकार ने ट्रांसपोटर्स को मनाने और कुछ रियायतें देने की पेशकश की थी|

ट्रक और बस ऑपरेटर्स संगठन की इस हड़ताल का असर सीधे आम आदमी पर पड़ेगा| आम आदमी तक दूध-सब्जी से लेकर रोजमर्रा में उपयोग करने वाले कई सामान ट्रक और बसों के माध्यम से ही पहुंचाए जाते हैं| ऐसे में इन सब वस्तुओं के लिए बिचौलिये अधिक कीमत वसूल कर सकते हैं|

ये हैं मांगें  

अनिश्चिकालीन हड़ताल पर गए ट्रक और बस ऑपरेटर्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी मांगें सरकार को बताई थीं, जिनमें सबसे पहले डीज़ल की कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाना और मौजूदा समय में इन पर केन्द्रीय व राज्यों की तरफ से लगने वाले टैक्स को कम किया जाए| साथ ही संगठन ने कहा कि टोल कलेक्शन सिस्टम को भी बदला जाए क्योंकि टोल प्लाज़ा पर र्इंधन और समय के नुकसान से सालाना 1.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान होता है| इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 44AE में प्रिजेंप्टिव इनकम के तहत लगने वाले टीडीएस को बंद किया जाए और र्इ-वे बिल में संशोधन हो|

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