पांच दशक बाद भारत-बांग्लादेश के बीच ट्रेन सेवा शुरू

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भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय वर्ता जारी है. इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना (Sheikh Hasina) ने आपस में चर्चा की. खास बात है कि इस चर्चा में 55 साल से बंद पड़ी चिल्हाटी-हल्दीबाड़ी रेल लाइन (Chilhati-Haldibari Rail) को भी शुरू करने पर मुहर लगा दी गई है. खास बात है कि विजय दिवस (Vijay Diwas) के बाद हुई इस मुलाकात को पीएम मोदी ने काफी अहम बताया है. वहीं, उन्होंने कोरोना मामले में बांग्लादेश को प्राथमिकता देने की बात की है.

नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि ये दोनों स्टेशन सिलीगुड़ी को कोलकाता के बीच मौजूद एक पुराने ब्रॉड गेज रेल मार्ग पर बने थे. उन्होंने जानकारी दी है कि चिल्हाटी से हल्दीबाड़ी के बीच दोबारा शुरुआत एक मालगाड़ी से होगी. वहीं, बाद के हालात को देखते हुए सवारी गाड़ियों को भी चलाया जाएगा. उन्होंने उम्मीद जताई है कि सवारी गाड़ी शुरू होने के बाद इसे कूच बिहार के जरिए जलापाईगुड़ी से जोड़ा जाएगा और बाद में इस रास्ते को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता तक बढ़ाया जाएगा.

पश्चिम बंगाल के हल्दीबाड़ी और बांग्लादेश के चिल्हाटी के बीच रेल लाइन साल 1965 में बंद हो गई थी. इसका कारण भारत और तब के पूर्वी पाकिस्तान (Pakistan) के बीच रेल संपर्क टूटना रहा था. अंतरराष्ट्रीय सीमा से हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन से 4.5 किमी दूर है. जबकि, चिल्हाटी से यह दूरी करीब 7.5 किमी की है. खास बात है कि यह रेल मार्ग शुरू होने का बाद व्यापार में तेजी आएगी और सीमापार कनेक्टिविटी भी सुधरेगी. इसके अलावा 75 किमी लंबा ट्रैक देश के दूसरे हिस्सों को सिलीगुड़ी कॉरिडोर के साथ एकीकृत करने में मदद करेगा. यह कॉरिडोर भारत को उत्तर पूर्वी राज्यों से जोड़ता

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