Economic Survey 2019 : भारत बनेगा महाशक्ति, Economics Survey के मुख्य बिंदु

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मोदी सरकार (modi govt) के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 5 जुलाई को पेश होना है| बजट से एक दिन पहले यानी आज 4 जुलाई को अर्थव्यवस्था के हालात और चुनौतियों की समीक्षा और उसे रिफॉर्म करने का रोडमैप बताया गया| इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey 2019 Highlights) में बताया गया है कि साल 2019-20 के लिए देश की GDP ग्रोथ 7 फीसदी रह सकती हैं|

इकोनॉमिक सर्वे मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमणियम( Krishnamurti Subramaniam)  ने तैयार किया है और इसमें दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के रास्ते में देश के समक्ष चुनौतियों को भीइसमें शामिल किया है| मोदी सरकार ने साल 2015, 2016, 2017 और 2018 में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था| 2015 में आर्थिक सर्वेक्षण जन-धन, आधार मोबाइल जैसी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया था|

 

Economics Survey में कहा गया (Economic Survey 2019 Highlights) –

देश की पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है |

आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि देश में पर्याप्त रूप से विदेशी मुद्रा भंडार है और आगे भी इसमें कमी नहीं आएगी|

14 जून तक देश में कुल 42220 करोड़ डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार मौजूद था|

विदेशी निवेश बढ़ने का भरोसा जताया गया |

आर्थिक सर्वे के अनुसार, विदेशी निवेशकों का भरोसा घरेलू बाजार में बढ़ा है|

वित्त वर्ष 2018-19 में नेट एफडीआई में 14.1 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है|

क्रेडिट ग्रोथ बढ़ी|

साल 2018 की दूसरी छमाही से क्रेडिट ग्रोथ में अच्छी तेजी देखने को मिल रही है|

आर्थिक सर्वे के मुताबिक, कंस्ट्रक्शन में तेजी आने से IIP ग्रोथ बेहतर हुई|

एमएसएमई सेक्टर को कर्ज देने की रफ्तार तेज हुई|

2018-19 में भारत उभरते देशों में सबसे आगे रहा है|

देश में निवेश की दर में गिरावट का सिलसिला खत्म हुआ|

आर्थिक सर्वे 2019-20 संसद में पेश-सरकार ने बताया है कि इस साल देश की आर्थिक ग्रोथ बेहतर रहने का अनुमान है|

यह 7 फीसदी की ऊपर रह सकती है|

आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि एनबीएफसी की सेहत बिगड़ने से ऑटो सेल्स की बिक्री में कमी आई है|
एनपीए यानी डूबे कर्ज़ बढ़ने से बैंकों की बैलेंसशीट पर दबाव बढ़ा है

कैसे किया जाता है सर्वे? (Economic Survey)

आर्थिक सर्वे को वित्त मंत्रालय का मुख्य दस्तावेज माना जाता है|इसमें तमाम आर्थिक नीतियों का विश्लेषण और विचार शामिल रहता है|
अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं का इसमें जिक्र करते हुए आंकड़े पेश किए जाते हैं|
आर्थिक सर्वे के मुताबिक ही बजट बनाया जाता है|
आर्थिक सर्वे को मुख्य आर्थिक सलाहकार की टीम तैयार करती है|
इस बार मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम की निगरानी में आर्थिक सर्वेक्षण तैयार किया जाएगा|
सर्वे में कृषि और औद्योगिक उत्पादन, इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, धन की आपूर्ति, कीमतें, आयात, निर्यात, विदेशी मुद्रा भंडार का विश्लेषण किया जाता है|
आर्थिक सर्वे में नीतिगत विचार, आर्थिक मापदंडों पर मुख्य आंकड़ें गहन शोध होता है|
इसमें अर्थव्यवस्था के क्षेत्रवार हालातों की रूपरेखा और सुधार के उपायों के बारे में बताया जाता है|
इसमें बजट की झलक मिलती है|

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