मप्र की इन हस्तियों ने कहा, दुनिया को अलविदा…

0

कुछ खुशियां, कुछ आंसू देकर टाल गया, जीवन का इक और सुनहरा साल गया। यह शेर 2018 के लिए बिल्कुल फिट बैठता है। साल 2018 विदाई ले रहा है, जो अपने साथ जाते-जाते कई हस्तियों को भी अपने साथ ले जा रहा है। इस साल कई हस्तियों ने दुनिया को अलविदा (Famous Personality List Of MP Who Said Goodbye To The World In 2018) कह दिया। आइए नज़र डालते हैं मध्यप्रदेश की उन हस्तियों पर, जो हमसे हमेशा के लिए दूर हो गए।

Famous Personality List Of MP Who Said Goodbye To The World In 2018 : 

अटल बिहारी वाजपेयी

हिंदुस्तान की सियासत में अटलजी का नाम अमर हो चुका है। अटलजी ऐसे शख्स थे, जिनका सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक मुरीद रहा, जिसे खुद संसद में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि यह सांसद एक दिन देश का प्रधानमंत्री बनेगा। अटलजी एक राजनेता के साथ कवि और साहित्यकार भी थे। 25 दिसंबर 1924 को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्म अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार प्रधानमंत्री रहे। 16 अगस्त 2018 को वे हमेशा के लिए दुनिया से अलविदा कह गए।

बालकवि बैरागी

केरल से कारगिल घाटी तक, गोहाटी से चौपाटी तक, सारा देश हमारा। जीना हो तो मरना सीखो, गूंज उठे यह नारा, सारा देश हमारा। यह विचार कवि और लेखक बालकवि बैरागी के हैं। बैरागी का जन्म मप्र के मंदसौर जिले की मनासा तहसील के रामपुर गांव में 10 फरवरी 1931 को हुआ। बैरागी ने हिंदी में अनेक रचनाएं और फिल्मों में गीत लिखे। 1945 में बालकवि कांग्रेस में शामिल हुए। वे मनासा से कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और 1967 में उन्होंने पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा को हराकर विधानसभा का चुनाव जीता । राजनेता के साथ कलम के सिपाही बालकवि बैरागी ने 13 मई 2018 को इस दुनिया से अलविदा कह दिया।

श्रीनिवास तिवारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी निर्भीक और गहरी राजनीतिक समझ रखने वाले नेताओं में शामिल थे। संसदीय ज्ञान के मामले में उनका कोई शानी नहीं था। उनके कार्यशैली के चलते उन्हें व्हाइट टाइगर कहा जाता था। तिवारी 10 साल तक विधानसभा अध्यक्ष और ढाई साल विधानसभा उपाध्यक्ष रहे। उनका जन्म रीवा जिले के मउनी में 17 दिसंबर 1926 में हुआ। 19 जनवरी 2018 को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

अखलाक सागरी

इश्क में हम तुम्हें क्या बताएं, किस कदर चोट खाए हुए हैं, मौत ने हमको मारा है और हम ज़िंदगी के सताए हुए हैं। फिल्म ‘बेवफा सनम’ के इस गाने को लिखने वाले अखलाक सागरी हमेशा याद किए जाएंगे। अखलाक सागरी का जन्म सागर में 30 जनवरी 1930 को हुआ था। उन्होंने हिंदी-उर्दू साहित्य में शायरी व गीत लिखे। आकाशवाणी और दूरदर्शन पर उनकी ग़ज़ल आती है। लंबी बीमारी के कारण 22 दिसंबर 2018 को उनका निधन हो गया।

भय्यू महाराज

भय्यू महाराज का जन्म मप्र के शुजालपुर में 29 अप्रैल 1968 को हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद मुंबई की एक बड़ी कंपनी के मैनेजमेंट का काम किया। उन्होंने मॉडलिंग भी की। इसके बाद उन्होंने संत बनने का निर्णय लिया। भय्यूजी महाराज ने 12 जून 2018 को इंदौर स्थित अपने निवास पर खुद को गोली मार ली।

जैन मुनि तरुण सागर

जैन मुनि तरुण सागर का जन्म दमोह जिले के गुहजी गांव में 26 जून 1967 को हुआ था। मुनि बनने से पहले उनका नाम पवन कुमार जैन था। 8 मार्च 1981 को उन्होंने संन्यास ले लिया। मुनि तरुण सागर अपने प्रवचन के कारण क्रांतिकारी संत के नाम से जाने जाते थे। 1 सितंबर 2018 को इलाज़ के दौरान उनका निधन हो गया।

योजनाएं अब अफसरों की जवाबदारी : नाथ

ट्रेन छूटने पर कैब से वसूला हर्जाना

इस कारण नहीं मिला जयवर्धन को वित्त विभाग…

 रहें हर खबर से अपडेट, ‘टैलेंटेड इंडिया’ के साथ| आपको यहां मिलेंगी सभी विषयों की खबरें, सबसे पहले| अपने मोबाइल पर खबरें पाने के लिए आज ही डाउनलोड करें Download Hindi News App और रहें अपडेट| ‘टैलेंटेड इंडिया’ की ख़बरों को फेसबुक पर पाने के लिए पेज लाइक करें – Talented India News

Share.