जुर्माने की मार, बेबस दिल्ली सरकार

1

दिल्ली में सर्दियों के मौसम में हवा में जहर घुल जाता है। दिल्लीवासियों के लिए सर्दियों का मौसम जहरीली हवा से भरा होता है। हर बार सरकार दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण करने के उपाय करती है और हर बार नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल यानी एनजीटी दिल्ली सरकार को दिशा निर्देश जारी करती है, लेकिन इस बार एनजीटी ने दिल्ली सरकार पर 25 करोड़ रुपए का जुर्माना लगा दिया है। इस जुर्माने की जो राशि है, वह अधिकारियों की पगार में से काटी जाएगी। 

गौरतलब है कि नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल के पास दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को लेकर कई याचिकाएं पहुंची थी, जिस पर एनजीटी सुनवाई कर रहा है। देश का दिल कहलाने वाली दिल्ली की आबोहवा शहरवासियों के लिए जहर बनी हुई है, जिस पर सरकार किसी भी तरह से अंकुश लगाने में नाकामयाब रही। दिल्ली में कई जगहों पर कूड़ा-करकट जलाने व अन्य तरह के ओपन बर्निंग मामले उजागर हो रहे हैं। इन सभी मामलों को लेकर एनजीटी ने कड़ा रुख इख्तियार किया है।

एनजीटी ने जहां दिल्ली सरकार पर जुर्माना लगाया है वहीं पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें भी जुर्माना भरना पड़ेगा। सरकार पर जुर्माना लगाते हुए एनजीटी ने कहा कि यदि दिल्ली सरकार जुर्माना नहीं भर पाती है तो उसे 10 करोड़ प्रति माह दंड के रूप में अलग से जमा करने होंगे। पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाने और सरकार द्वारा प्रदूषण की रोकथाम के लिए कारगर उपाय ना किये जाने के चलते एनजीटी ने सख्त रवैया अपनाया है।

Share.