फिर से खुले ‘बुराड़ी के घर’ के दरवाजे, सामने आया अंदर का सच…

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दिल्ली का बुराड़ी कांड एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। एक जुलाई को 11 लोगों की मौत के बाद संत नगर की गली नंबर-2 में भाटिया परिवार के मकान को दिल्ली पुलिस ने सील कर दिया था। अब सील किया मकान साढ़े तीन महीने बाद दोबारा खुला। जांच के बाद कोर्ट ने इस घर का हक नारायण देवी के बड़े बेटे दिनेश भाटिया को दे दिया है। बुराड़ी में जब गुरुवार को घर और दुकान का ताला खुला तो फिर एक बार पूरी घटना ताज़ा हो गई।

घर की साफ-सफाई

गुरुवार को दिनेश अपनी पत्नी कमलेश, बहन सुजाता नागपाल और अपने नौकर रामविलास के साथ उस घर में पहुंचे। उन्होंने घर की साफ-सफाई करवाई और घर में घटना के बाद पहली रात गुज़ारी। दिनेश ने कहा, ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही थीं कि घर में आत्माएं रहती हैं। इन सब झूठी अफवाहों को रोकने के लिए वे इस घर में तीन रात रहे। हमें घर में कोई गलत एक्टिविटी नहीं दिखी। साफ-सफाई करने के बाद घर में नवरात्रि की पूजा की गई।

11 पाइपों को तुड़वाया

मकान सील होने के बाद मकान में लगाए गए 11 पाइपों को दिनेश ने तुड़वा दिया। उन्होंने ऐसा इस लिए किया क्योंकि 11 मौतों को लोग इन 11 पाइपों से जोड़कर देख रहे हैं। जब घर और दुकान का ताला खोला गया, इस दौरान वहां का माहौल गमगीन था। नौकर रामविलास ने ललित के प्लाईबोर्ड की दुकान का ताला खोला और साफ-सफाई की।

भावुक हो गए

दिनेश ने कहा कि अफवाहों ने हमें परेशान कर रखा है। अब हम घर को मंदिर में बदलने का विचार कर रहे हैं क्योंकि कोई भी इस संपत्ति को खरीदना नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि हम अफवाहों को रोकना चाहते थे और इसके लिए हम लोगों ने घर को खुलवाया और उसमें रुके। दिनेश ने कहा कि उन्हें किसी भी परेशानी या डर का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि घर में मृत परिवार के सदस्यों की फोटो, कपड़े और अन्य सामान देखकर भावुक ज़रूर हो गए।

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