सामने आई प्रशासन की मैली तस्वीर

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सरकार मध्यप्रदेश को सक्षम बनाने के लिए कई प्रयास कर रही है, इसके बावजूद शिवराज सरकार प्रदेश को दुरुस्त बनाने में नाकाम साबित हुई है| सरकार ने स्कूलों के निर्माण कराए, लोगों को स्वच्छ रहने के गुर सिखाए, लेकिन बेटियों की असुरक्षा, किसानों की आत्महत्या और ग्रामीण स्कूलों की स्थिति ने सरकार की तस्वीर को मैला कर दिया है|

हाल ही में सरकार की नाकामी का एक मामला दमोह जिले के एक स्कूल से सामने आया है, जहां गर्ल्स टॉयलेट में मध्यान्ह भोजन का निर्माण किया जाता है| जब टॉयलेट में खाना बनाया जाता है तो इस शौचालय में बालिकाओं को जाने के लिए जगह नहीं बचती और वे खुले में शौच आदि जाने के लिए मजबूर होती हैं| इस मामले की जिले के अधिकारी को भनक तक नहीं है| जानकारी मिलने के बाद उन्होंने कहा कि जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी|

मामला जिले के पटेरा विकासखंड के कुम्हारी का है, जहां माध्यमिक स्कूल में किचन शेड के अभाव के कारण बालिका शौचालय में ही भोजनालय का संचालन हो रहा है| शौचालय में खाने-पीने का सामान रखने की अनुमति स्कूल के शिक्षकों ने दी है| यही कारण है कि वे यहां मध्यान्ह भोजन का निर्माण करती हैं|

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