कोरोना काल में बंद हुई देश की सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी 

0

 कोरोना की सबसे बड़ी मार देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने की बाते सौ फीसदी सच है और इसका सीधा रोजगार पर होगा . ऐसे में कई कारखाने बंद होने की कगार पर है. इसी क्रम में तीन जून को उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद में देश की सबसे बड़ी साइकिल निर्माता कंपनी एटलस का कारखाना बंद हो गया . अपना आख़िरी कारखाना अनिश्चितकाल के लिए बंद करते हुए कंपनी ने आर्थिक तंगी का हवाला दिया . पास उत्पादन का पैसा न होने की सूरत में इससे पहले कंपनी मध्य प्रदेश के मालनपुर और हरियाणा के सोनीपत की इकाइयां पहले ही बंद कर चुकी थी. जब 3 जून को दुनिया विश्व साइकिल दिवस मना रही थी तभी यह खबर आई की साइकिल निर्माता कंपनी एटलस के उत्तर प्रदेश के साहिबाबाद स्थित कारखाने को बंद कर दिया है. सुबह जब कर्मचारी काम के लिए पहुंचे तो गेट पर लगे नोटिस से उन्हें पता चला की उनकी नौकरी जा चुकी है और इकाई को बंद कर दिया गया है .

 रिपोर्ट के मुताबिक 1989 में स्थापित इस इकाई के गेट पर एक नोटिस लगा था जिसमें लिखा था कि कारखाने को अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जा रहा है. कंपनी के पास कारखाना चलाने का पैसा नहीं है, न ही उनके पास कोई निवेशक है. नोटिस में लिखा गया है कि कंपनी 2 साल से घाटे में है और दैनिक खर्च भी नहीं निकाल पा रही है, इसलिए कर्मचारियों को ले-ऑफ पर भेजा जा रहा है. इसका अर्थ है कि कंपनी के पास उत्पादन के लिए धन नहीं है, ऐसे में कर्मचारियों को निकला नहीं जा रहा है, पर उन्हें वेतन नहीं मिलेगा, लेकिन साप्ताहिक अवकाश को छोड़कर रोजाना अपनी हाजिरी लगानी होगी.

साहिबाबाद की साइट-4  में साइकिल के इस कारखाने में स्थायी और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की सख्या लगभग  1,000  है . जो अब तक सर्वाधिक उत्पादन के रिकॉर्ड के साथ हर साल लगभग 40 लाख साइकिल बनाते थे .  एटलस साइकिल यूनियन के महासचिव महेश कुमार ने बताया  कि इस कारखाने में परमानेंट और कांट्रेक्ट आधार पर करीब एक हजार कर्मचारी काम करते हैं और वे भी पिछले 20 साल से कंपनी में हैं. उन्होंने बताया कि बुधवार को कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे तो उन्हें गार्डों ने अंदर नहीं घुसने दिया और नोटिस देखने को कहा. उन्होंने कंपनी के प्रबंधकों से इस बारे में बात करने का प्रयास किया, लेकिन किसी की बात नहीं हो सकी.

कुछ देर में कर्मचारियों की भीड़ बढ़ती गई. सभी को इस बारे में मालूम हुआ तो उनका गुस्सा भड़क गया और सभी कंपनी के बाहर ही प्रदर्शन करने लगे, फिर पुलिस ने आकर उन्हें हटाया. साल 1951 से चल रही इस इकाई को बंटवारे के बाद कराची से आए जानकी दास कपूर ने लगाया था . कंपनी में 1989 से काम करने वाले एक कर्मचारी ने बताया, ‘लगभग पूरी उम्र इसी फैक्ट्री में काम करते हुए निकल गई. अब इस उम्र में शायद कहीं और नौकरी भी नहीं मिलेगी. अब क्या करेंगे? परिवार कैसे चलेगा? कुछ समझ नहीं आ रहा. परिवार को खाना कहां से खिलाऊंगा. कहां से खर्चे पूरे होंगे?’

अब इस पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी ने ट्विट कर चिंता जताई है . उन्होंने ट्वीट में लिखा  ‘बुधवार को विश्व साइकिल दिवस के मौके पर साइकिल कंपनी एटलस की गाजियाबाद फैक्ट्री बंद हो गई. 1000 से ज्यादा लोग एक झटके में बेरोजगार हो गए.’प्रियंका ने कहा, ‘सरकार के प्रचार में तो सुन लिया कि इतने का पैकेज दिया गया, इतने एमओयू हुए, इतने रोजगार पैदा हुए, लेकिन असल में तो रोजगार खत्म हो रहे हैं, फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं. लोगों की नौकरियां बचाने के लिए सरकार को अपनी नीतियां और योजना स्पष्ट करनी पड़ेगी.’

 

 

Share.