तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष ने पीएम मोदी को नोबेल के लिए किया नामित

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया है। उन्होंने नामित तमिलनाडु भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष तमिलीसाई सौंदराजन ने किया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना की शुरुआत करने के लिए पीएम मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। राज्य भाजपा प्रमुख के कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज की है। प्रेस रिलीज में तमिलीसाई सौंदराजन के पति प्रोफेसर पी. सौंदराजन ने भी नोबेल के लिए पीएम मोदी को नामित किया है। उनके पति एक निजी विश्वविद्यालय में नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख हैं।

प्रेस रिलीज में कहा गया कि, दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू करने के लिए तमिलीसाई सौंदराजन ने प्रधानमंत्पी नरेंद्र मोदी को नोबेल शांति पुरस्कार 2019 के लिए नामित किया है। उसमें कहा गया है कि, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना करोड़ों गरीबों के जीवन को पूरी तरह बदल देगी।

क्या है नोबेल पुरस्कार ?

नोबेल पुरस्कार नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड बनार्ड नोबेल की याद में दिया जाता है। दिसंबर 1896 मरने से पहले अपनी संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा उन्होंने एक ट्रस्ट के लिए सुरक्षित रख दिया। उनकी इच्छा थी कि इस पैसे के ब्याज से हर साल उन लोगों को सम्मानित किया जाए, जिनका काम मानव जाति के लिए सबसे कल्याणकारी हो। स्वीडिश बैंक में जमा इस राशि के ब्याज से नोबेल फाउंडेशन द्वारा हर वर्ष शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा, विज्ञान और अर्थशास्त्र में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है।

कौन थे अल्फ्रेड नोबेल ?

अल्फ्रेड बर्नाड नोबेल का जन्म 1833 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुआ था। 9 साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ रूस चले गए। नोबेल जब 18 वर्ष के थे, तो रसायन की पढ़ाई करने अमरीका चले गए। अल्फ्रेड ने 1867 में डाइनामाइट की खोज़ की थी। नोबेल ने अपनी पूरी जिंदगी में कुल 355 आविष्कार किए थे। लेकिन सबसे ज्यादा शौहरत उन्हे  डायनामाइट के आविष्कार से मिली। नोबेल ने कभी शादी नहीं की। 10 दिसंबर 1896 नोबेल का दिल का दौरा पड़ने से इटली में निधन हो गया।

कब हुई शुरुआत ?

अल्फ्रेड बर्नाड नोबेल की 1895 की वसीयत के तहत 1901 में नोबेल पुरस्कार की शुरुआत हुई। शुरुआत में अर्थशास्त्र के लिए कोई पुरस्कार नहीं था। 1968 मे स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने अपनी 300वीं वर्षगांठ पर अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार शुरू किया। अर्थशास्त्र का पहला पुरस्कार 1969 में नॉर्वे के रैगनर एंथोन किटील फ्रिश और नीदरलैंड्स के यान टिरबेरगेन को दिया गया।

ये भारतीय को मिला नोबेल पुरस्कार

– रविंद्रनाथ टैगोर , साहित्य के क्षेत्र में

– हरगोविंद खुराना, मेडिसीन के क्षेत्र में

– सीवी रमण, फिजिक्स के क्षेत्र में

– वीएएस नायपॉल, साहित्य के क्षेत्र में

– वेंकट रामाकृष्णन, केमिस्ट्री के क्षेत्र में

– मदर टेरेसा, नोबेल शांति पुरस्कार

– सुब्रहमण्यम चंद्रशेखर, सैद्धांतिक शोध के क्षेत्र में

– कैलाश सत्यार्थी, नोबेल शांति पुरस्कार

– आर.के. पचौरी, नोबेल शांति पुरस्कार

– अमर्त्य सेन, अर्थशास्त्र के क्षेत्र में

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