करियर काउंसलिंग में बच्चों से की बात

0

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के दूसरे चरण में विद्यार्थियों से बात की| इस दौरान उन्होंने बच्चों को जीने के कई गुर सिखाए और उनके सामने कई उदाहरण पेश किए|

प्रधानमंत्री ने क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर, महाकवि कालिदास और तुलसीदासजी सहित कई लोगों के उदाहरण पेश किए| उन्होंने कहा कि सफलता का कोई एक रास्ता नहीं होता है| अपने पसंदीदा क्षेत्र में कोई भी अपना करियर बना सकते हैं|

देश में जहां बेरोजगारी है, वहीं ऐसे लोगों की कमी भी है, जो स्किल्ड हो| इसलिए कई बार लोगों को बाहर से बुलाया जाता है| सीएम ने कहा, “किसी के कहने पर अपने करियर की राह मत चुनना, हमेशा सलाह लेना| मेरे पिताजी मुझे डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन मैं डॉक्टर नहीं बनना चाहता था| मैंने निर्भयता के साथ अपनी बात पिताजी को बताई और वे मान भी गए| बच्चों को अपनी रुचि के अनुसार ही करियर का चुनाव करना चाहिए|”

Share.