FIR दर्ज कराने के बाद से गायब शख्स आया सामने

0

कुछ दिनों पहले गुरुग्राम में जमीन घोटाले के आरोप में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्रसिंह हुड्डा और सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा  के खिलाफ किसी ने एफआईआर दर्ज करवाई थी, लेकिन एफआईआर दर्ज करवाने के बाद से ही शिकायतकर्ता सुरेंद्र शर्मा गायब थे। अटकलें लगाई जा रही थीं कि सुरेंद्र शर्मा पर किसी तरह का दबाव बनाया जा रहा है। इसी वजह से वे सामने नहीं आ रहे हैं, लेकिन अब मेवात के रहने वाले सुरेंद्र शर्मा खुलकर सामने आ गए हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी से कोई डर नहीं है। सुरेंद्र शर्मा की शिकायत पर खेड़की दौला थाने में इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इस बारे में उन्होंने बताया, “गुरुग्राम पुलिस ने उनका बयान दर्ज कर लिया है और वे जांच से संतुष्ट हैं। उनका भारतीय जनता पार्टी या किसी ओर से कोई वास्ता नहीं है।”

सुरेंद्र शर्मा  के बाद कई बड़े खुलासे किए गए, जो हरियाणा पुलिस पर भी सवाल उठाती है। सुरेंद्र शर्मा ने खुद को समाजसेवी बताया है। खुद सुरेंद्र शर्मा के अनुसार, उन्होंने पहले भी इस घोटाले का मामला उठाया था, लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया इसलिए उन्हें शिकायत दर्ज करवानी पड़ी। जमीन घोटाले में संलिप्त बड़े नामों के बारे में पूछने पर सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि मुझे किसी से कोई डर नहीं है।

हरियाणा पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे सुरेंद्र शर्मा ने पुलिस पर भी सवाल उठाये और कहा, “जब मैं एफआईआर दर्ज करवाने पहुंचा तो पुलिस ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद पुलिस के सामने सबूत रखे तो पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। ”

गौरतलब है कि एफआईआर दर्ज होने के एक दिन पहले से ही वे गायब थे। मामला गुरुग्राम के सेक्टर 83 के स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्रायवेट लिमिटेड की 3.5 एकड़ जमीन घोटाले से जुड़ा  है। उक्त ज़मीन  2008 में 7.50 करोड़ रुपए में खरीदी गई थी। उस वक्त भूपेंद्रसिंह हुड्डा हरियाणा के मुख्यमंत्री थे| साथ ही उनके पास आवास एवं शहरी नियोजन विभाग भी था।

सुरेंद्र शर्मा ने शिकायत में कहा कि  स्काईलाइट ने बाद में मुख्यमंत्री हुड्डा के प्रभाव से कॉलोनी के विकास के लिए कमर्शियल लाइसेंस प्राप्त कर इस जमीन को डीएलएफ को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया।

Share.