सरकार द्वारा लगाए दवाइयों के बैन को सुप्रीम कोर्ट ने हटाया

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ड्रग्स टेक्निकल एडवाइज़री बोर्ड की सिफारिश पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 328 दवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया था। प्रतिबंध का कारण दवाइयों का मानव शरीर पर बुरा प्रभाव बताया गया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 328 फिक्स्ड डोज़ कॉम्बिनेशन (एफडीसी) दवाओं के प्रतिबंध में से सेरिडॉन के साथ-साथ दो अन्य दवाओं की बिक्री पर से प्रतिबंध हटा दिया है। सरकार ने जिन दवाओं पर प्रतिबंध लगाया था, उनमें वे दवाएं हैं, जो जल्द आराम पाने के लिए मरीज मेडिकल दुकानों से बिना पर्चे के खरीद लेते हैं। इसके बाद दवाई कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कोर्ट ने दवाई कंपनियों को राहत देते हुए सेरिडॉन के अलावा दो अन्य दवाओं की बिक्री के आदेश दे दिए हैं।

दवाइयों पर बैन लगने के बाद दिल्ली के दवा नियंत्रक डॉ.अतुल नासा ने कहा, “सरकार द्वारा संयोजन दवाओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए यह एक अच्छा कदम है। यह देखा गया है कि एफडीसी दवाओं का कोई तर्कसंगत उपयोग नहीं था। इससे पहले मार्च 2010 में सरकार ने एफडीसी की 344 श्रेणियों को प्रतिबंधित करने के लिए अधिसूचना लाई थी।  हालांकि, अदालत में विभिन्न निर्माताओं ने इसे चुनौती दी थी।”

फिलहाल प्रतिबंध हटाने के बाद कुछ दवाइयां अब खरीदी जा सकेंगी। डॉक्टरों ने भी इस बैन को देखते हुए मरीज़ को हर बीमारी के लिए अलग-अलग दवाइयां लिखने का निर्णय लिया है। जैसे कि यदि मरीज को खांसी और बुखार है तो इसके उपचार के लिए दो अलग-अलग दवाएं लिखी जाएंगी। अभी तक खांसी, बुखार और दर्द की भी दवा का कॉम्बिनेशन देते थे।

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