दिल्ली दौरे पर चंद्रबाबू नायडू

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देश की राजनीति में इन दिनों बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं| एक तरफ पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के खिलाफ अपना तीसरा मोर्चा शुरू करने जा रही हैं, वहीं हाल ही में एनडीए से अलग हुए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू भी लगातार भाजपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं|

एनडीए से अलग होने के बाद दिल्ली की पहली यात्रा पर आए आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू अपने खास मिशन पर हैं| कयास लगाए जा रहे हैं कि वे ममता के तीसरे मोर्चे से जुड़ सकते हैं, लेकिन फिलहाल उन्होंने ममता के तीसरे मोर्चे के बारे में कोई जिक्र नहीं किया है|

इस यात्रा के दौरान नायडू ने कहा कि, आंध्र के लिए न्याय की मांग, केंद्र सरकार पर दबाव डालेगा| इस यात्रा के दौरान वह अपने साथ प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों के साक्ष्य के तौर पर वीडियो लिए हुए हैं, जिसमें पीएम ने विभाजन के बाद एक नए राज्य का निर्माण करने में मदद करने का वादा किया था| इन साक्ष्यों के आधार पर वह यह साबित करना चाह रहे हैं कि मोदी सरकार ने देश को धोखा दिया है|

गौरतलब है कि चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र के खिलाफ अपनी पार्टी टीडीपी द्वारा पेश अविश्वास प्रस्ताव पर समर्थन हासिल करने के अपने प्रयासों के तहत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से बुधवार को मुलाकात की थी| इस दौरान दोनों नेताओं ने दक्षिणी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा (एससीएस) देने के वादे पर भी चर्चा की|

तेलुगू देशम पार्टी के राज्यसभा सांसद सीएम रमेश ने बताया था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में उनकी पार्टी के सदस्य टीडीपी का समर्थन करेंगे। लोकसभा में ‘आप’ के चार और राज्यसभा में तीन सदस्य हैं। आंध्र प्रदेश को एससीएस का दर्जा देने में केंद्र की असमर्थता के बाद पिछले महीने टीडीपी ने एनडीए से अपना समर्थन वापस ले लिया था। पार्टी ने इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया है।

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