देश में एकमात्र माता कौशल्या का मंदिर

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देवी कौशल्या की जन्मस्थली का विवाद बढ़ता ही जा रहा है| देवी कौशल्या का अभी देश में एकमात्र मंदिर है| अब नए मंदिर के लिए लोगों ने जन्मस्थली के प्रचार-प्रसार को अवैधानिक बताकर जल्द ही विरोध तेज़ करने की बात कही है|

दरअसल, छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पाटेश्वर धाम में देवी कौशल्या का भव्य मंदिर बनाया जा रहा है| कौशल्या जन्मभूमि विकास समिति के सदस्यों ने इस मामले पर बैठक की| घंटों चली बैठक के बाद ग्रामीणों ने बालोद में जन्मभूमि का दावा किए जाने की निंदा करने की बात कही|

चंदखुरी के ग्रामीणों का कहना है कि सातवीं शताब्दी में बना कौशल्यादेवी का मंदिर यहीं है, देश में और कहीं नहीं है| सोमवंशी राजाओं द्वारा माता कौशल्या और उनके बेटे की प्रतिमा स्थापित करने की मान्यता मिलती है| यह मंदिर सात तालाबों के बीच बना है| अभी कौशल्या जन्मभूमि के नाम से किया जा रहा प्रचार-प्रसार बिल्कुल गलत है|

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