बदबू आती है..बताकर स्कूल से निकाला

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स्कूल जहां नैतिकता और जीवन जीने के सही मूल्य सिखाए जाते हैं, जहां बच्चों का मानसिक विकास होता है, जहां सारे जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच से हटकर एकता का पाठ पढ़ाया जाता है वहीं यदि भेदभाव हो तो क्या यह सही पाठ होगा|  अमीर घराने के बच्चों के कहने पर स्कूल से गरीब बच्चों को निकाल दिया जाए तो क्या इससे बच्चों के दिमाग पर असर नहीं होगा| दरअसल, दिल्ली के एक स्कूल में कुछ ऐसा ही हुआ है|

मामला दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित एनपी को-एजुकेशन सेकंडरी स्कूल का है, यहां सात गरीब बच्चों को सिर्फ इसलिए स्कूल से निकाल दिया गया क्योंकि उनसे बदबू आती है, जिससे अमीर घराने के बच्चों को परेशानी होती है| उन बच्चों के गरीब परिवार अपने बच्चों को वापस लिए जाने को लेकर स्कूल के चक्कर काट रहे हैं|

वहीं मामले में स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने बच्चों को नहीं निकाला है| जो परिवार आरोप लगा रहे हैं, उन्होंने खुद स्कूल से अपने बच्चों को निकलवाया है| पीड़ित परिवारों ने न्याय पाने के लिए एनजीओ का सहारा लिया है, एनजीओ के स्कूल पहुंचने पर गरीब बच्चों को निकाले जाने का मामला सामने आया है| गौरतलब है कि इसी स्कूल में पिछले वर्ष भी छह गरीब बच्चों को शरीर से बदबू आने के कारण ट्रांसफर सर्टिफिकेट देते हुए निकाल दिया था|

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