रेलवे ट्रैक टूटा, ट्रेन रोक बचाई यात्रियों की जान

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अपने सूझ-बूझ और साहस से लोगों की जान बचाने वाले को ‘सुपरहीरो’ कहना सही है| इस सामान्य से इंसान ने अपनी बहादुरी से लोगों की जान बचाकर समाज के लिए मिसाल पेश की है| किसी फिल्म के सुपरहीरो की तरह रियल लाइफ के इस सुपरहीरो स्वप्नदेब बर्मा ने अपने साहस से और चतुराई से ट्रेन में सवार सैकड़ों लोगों की जान बचाई|

दरअसल, मामला त्रिपुरा का है, जहां स्वप्नदेब बर्मा और उनकी बेटी सोमती ने 15 जून को रेलवे ट्रैक को टूटा हुआ देख तौलिया दिखाकर ड्राइवर को ट्रेन रोकने का इशारा कर ट्रेन रुकवाई। इस तरह स्वप्नदेब बर्मा ने अपनी चतुराई से इतने बड़े हादसे को टाला| इस सुपरहीरो की बहादुरी को सलाम करते हुए त्रिपुरा सरकार अब अगरतला के दिहाड़ी मजदूर स्वप्नदेब और उनकी बेटी को सम्मानित करेगी|

यही वजह है कि 21 जून को त्रिपुरा सरकार में मंत्री सुदीप रॉय बर्मन ने स्वप्न देब बर्मा और उनकी बेटी सोमती को उनके किए गए इस साहस भरे काम के लिए सम्मानित किया| मंत्री ने कहा कि दोनों के साहसिक कार्य के विषय को सरकार के समक्ष उठाया जाएगा, जिससे कि इन्हें सम्मानित किया जा सके| कुछ दिन पहले क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी स्वप्न को रियल हीरो बताते हुए एक ट्वीट में लिखा कि ऐसे रियल हीरोज़ को सरकार ने सम्मानित करना चाहिए|

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