हनुमान मंदिर में पूजा करने पर मिली सज़ा

0

एक मुस्लिम नेता को हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना करना महंगा पड़ गया| उन्हें मंदिर में पूजा करने के कारण इस्लाम मजहब से खारिज कर दिया| इसके बाद नेता के लिए कहा गया कि अफसोस की बात है कि कुछ मुस्लिम नेता अपने फायदे के लिए इस्लाम विरोधी कार्य कर रहे हैं|

बताया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश में भाजपा का टिकट मिलने पर एमएलसी का पर्चा भरने से पूर्व प्रत्याशी नवाब बुक्कल ने हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना की थी| इसके बाद मदरसा दारुल उलूम अशरफिया के मोहतमिम मौलाना सालिम अशरफ कासमी ने उन्हें कहा कि मुस्लिम कौम जागरूक है और किसी के दिखावे में आकर कोई काम नहीं करना चाहिए|

मौलाना ने आगे कहा कि इस तरह के दिखावे से कभी भारत मजबूत नहीं हो सकेगा क्योंकि मजहब दिखावे के लिए नहीं होता| उन्होंने बुक्कल नवाब से तौबा करने का आह्वान करते हुए कहा कि वे अपने आप को बचाएं| कुछ लोग अपना कद बढ़ाने के लिए ऐसा जानबूझकर करते हैं, लेकिन इस्लाम में ऐसा करने की इजाजत नहीं है|

Share.