दुष्कर्मी को सुनाई गई फांसी की सजा

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देश में बढ़ते दुष्कर्म मामलों में आरोपियों को कड़ी से कड़ी और जल्द से जल्द सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था। इस कोर्ट के गठन के बाद भी ना तो दुष्कर्म मामलों में कमी आई, और ना ही आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी गई। इन सभी के बीच देहरादून की पॉक्सो कोर्ट ने, दुष्कर्म व हत्या के मामले में गुरुवार को एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए, उसे सजा-ए-मौत देने का एलान किया है।

एडीजे फर्स्ट रमा पांडेय की अदालत ने दुष्कर्म व हत्या के मामले में, राजेश उर्फ़ जितेंद्र नामक शख्स को दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई, और साथ ही 1 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। गौरतलब है कि, साल 2016 में 12 मई को एक मासूम के साथ, देहरादून के नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के बाद ह्त्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कारवाई करते हुए, आरोपी पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में पॉस्को कोर्ट ने 3 दिन पहले ही आरोपी को दोषी करार दिया था।

इस मामले में सुनवाई करते हुए आज गुरुवार को पॉक्सो कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 377 और पॉक्सो एक्ट के तहत, आरोपी को फांसी की सजा सुनाई। इसके अलावा जिलाधिकारी को अदालत ने, तत्काल जिला अपराध पीड़ित फंड से पीड़ित परिवार को 50 हजार रुपए की राशि मुहैया करवाने का निर्देश दिया। शासकीय अधिवक्ता भरत सिंह नेगी ने इस मामले कहा कि, नेहरू कॉलोनी थाने अंतर्गत एक वीभत्स्य और जघन्य अपराध हुआ था। उन्होंने कहा कि तीन साल की मासूम से आरोपी ने दुष्कर्म किया था। पॉक्सो कोर्ट ने जितेंद्र को दोषी पाया और उसे फांसी की सजा सुनाई।

(प्रभात)

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