एक क्षण के लिए भी कांधे से नीचे नहीं

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साईं बाबा शताब्दी समाधि महोत्सव के अंतर्गत उप्र के मेरठ शहर से एक ऐसी अनूठी पदयात्रा प्रारंभ हुई है, जो प्रतिदिन 70 से 90 किमी की दूरी तय कर रही है और बाबा की पालकी को दिन-रात कांधे पर रखकर लगभग १५०० किमी की दूरी 16 दिनों में तय कर 15 जून को शिर्डी पहुंचेगी। इंदौर में यह यात्रा 11 जून को देवास रोड स्थित मांगलिया टोल नाके से शहर में प्रवेश करेगी।

श्री साईं सेवा समाज के हरि अग्रवाल ने बताया कि यात्रा मेरठ से 31 मई को प्रारंभ हुई है, जो अलीगढ़, इटावा, भिंड, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, ब्यावरा, शाजापुर और देवास होते हुए 11 जून को इंदौर पहुंचेगी। अन्य पदयात्राओं की तुलना में इस पदयात्रा की विशेषता यह है कि इसमें बाबा की पालकी को एक क्षण के लिए भी भक्तों ने कांधे से अलग नहीं रखा है|

8-8 घंटों के लिए 4 से 6 भक्त

8-8 घंटों के लिए 4 से 6 भक्त पालकी को कांधा देकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं। गर्मी की चिंता किए बिना यह पदयात्रा निरंतर अपने लक्ष्य शिर्डी की ओर बढ़ रही है। इंदौर में 11 जून को मांगलिया टोल नाके से विजय नगर, एबी रोड, पलासिया, नवलखा, भंवरकुआं होते हुए चोइथराम स्थित गुरुद्वारे पर साईं भक्त सुनील बिरथरे एवं किशोर गोयल के मार्गदर्शन में इस यात्रा के संयोजक मेरठ के गोलू साईं और यात्रा के साथ पालकी को कांधा देने वाले 50 भक्तों का सम्मान किया जाएगा।

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