30 आदिवासियों के हत्या के मामले में NIA ने सुनाई सजा

0

गुवाहाटी के विश्वनाथ चारआली गांव में बीते साल दिसंबर माह में उग्रवादियों में 30 आदिवासियों को मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने आज अपना फैसला सुना दिया है। गौरतलब है कि 23 दिसंबर साल 2014 में विश्वनाथ चारआली गांव के 9 व 10 नंबर लाइन इलाके में उग्रवादियों ने 30 आदिवासियों को अपना निशाना बनाया था। इस नरसंहार के बाद उग्रवादियों के खिलाफ विश्वनाथ चारआली थाने में केस दर्ज किया गया था। विश्वनाथ चारआली थाने में उग्रवादियों के खिलाफ केस संख्या 310/2014 को 25 दिसंबर 2014 को एनआईए को सौंप दिया गया था।

बजट के संबंध में मजेदार बातें : मोरारजी देसाई ने 10 बार बजट पेश किया

इस मामले में एनआईए ने पूरी जांच पड़ताल करने के बाद इस नरसंहार से जुड़े खेमराय बसुमतारी उर्फ उर्ला को गिरफ्तार किया था। खेमराय बसुमतारी उर्फ उर्ला की आज एनआईए की विशेष अदालत में सुनवाई की गई। अदालत ने खेमराय बसुमतारी को आदिवासियों के नरसंहार मामले में दोषी पाया और उसे सजा सुनाई गई। एनआईए की विशेष अदालत ने खेमराय बसुमतारी को 7 साल कैद और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। एनआईए की विशेष अदालत ने इस नरसंहार के आरोपी खेमराय बसुमतारी उर्फ उर्ला को भारतीय दंड विधान की धारा 19 तथा 20 यूए(पी) अंतर्गत दोषी पाया।

Budget 2019 : बड़ा ऐलान, 3 करोड़ छोटे दुकानदारों को पेंशन की सौगात

गौरतलब है कि जुर्माने की रकम न चुकाए जाने की स्थिति में खेमराय को 6 महीने की अतिरिक्त सजा दी जाएगी। एनआईए (NIA) की विशेष अदालत में गुरुवार 4 जुलाई 2019 को इस मामले में सुनवाई के बाद सजा का ऐलान किया गया।

Photos :  कीचड़ में लथपथ नज़र आया नशे में टल्ली शिक्षक

Share.