नक्सलियों के क्षेत्र में करेगा वापसी

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छत्तीसगढ़ के नक्सली क्षेत्र का जांबाज़ जवान अब 6 महीने बाद फिर उसी गर्मजोशी से वापसी को तैयार है। 21 महीनों तक छत्तीसगढ़ के जंगलों में तैनात सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो रामदास 6 महीने पहले एक लैंड माइन हादसे में घायल हो गए थे। इस हादसे में उन्हें अपने दोनों पैर खोने पड़े थे। कहते हैं न कि शेर से ज्यादा खतरनाक घायल शेर होता है। इलाज के बाद यह घायल शेर अपने कृत्रिम पैरों के साथ और ज्यादा हिम्मत के साथ जंगल में वापसी के लिए तैयार है।

कमांडो रामदास काफी होनहार कमांडो हैं। उनकी दक्षता को देखकर 2016 में उनका तबादला जम्मू-कश्मीर से छत्तीसगढ़ कर दिया गया था। कमांडो ने नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े-बड़े सफल ऑपरेशन किए हैं। 6 महीने पहले जंगल में अपनी ड्यूटी के दौरान कमांडो का पैर गलती से लैंडमाइन पर पड़ गया, जिस वजह से उन्हें अपने दोनों पैर गवांने पड़े, लेकिन कमांडो ने यहीं हार नहीं मानी|

उन्होंने कृत्रिम पैरों से वापसी का निश्चय किया और आखिर इतने महीनों की प्रैक्टिस के बाद वे अपने पैरों पर खड़े हो ही गए। कमांडो ने बताया कि उनकी ऐसी हालत देखकर सीआरपीएफ ऑफिसर्स ने उन्हें ऑफिस में ड्यूटी करने का सुझाव दिया, लेकिन कमांडो ने कहा कि वे जंगल में ही ड्यूटी करना चाहते हैं और नक्सलियों का सफाया करना चाहते हैं। कमांडो का यह जज्बा सच में काबिल-ए-तारीफ़ है।

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