महाराष्ट्र में ट्रेन से लाया जाएगा दूध

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महाराष्ट्र में दूध उत्पादकों की हड़ताल का आज तीसरा दिन है| इस हड़ताल का असर मुंबई और आसपास के इलाकों में दिखना शुरू हो गया है| मंगलवार को स्थिति काबू में रही, लेकिन बुधवार को समर्थकों ने दूध से स्नान कर आंदोलन को और भड़का दिया| वहीं हड़ताल जारी रहने पर गुरुवार से मुसीबत की आशंका जताई जा रही है|

आंदोलन के कारण सड़क मार्ग के बजाय ट्रेन से दूध  मुंबई भेजा जा रहा है| रेलवे मंत्री के आदेश के बाद पश्चिम रेलवे ने मुंबई-अहमदाबाद पैसेंजर ट्रेन में दो कंटेनर जोड़ने का फैसला किया है| इसमें एक कंटेनर की क्षमता 44,000  लीटर दूध की है| आज से यह कार्य शुरू किया जा चुका है|

नागपुर में जारी विधानमंडल सत्र के दौरान सर्वदलीय बैठक में दूधबंदी पर कोई फैसला नहीं हो सका है| मामला अगली बैठक तक टल गया है| अगली बैठक 19 जुलाई को रखी गई है। इधर, दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में भी उच्चस्तरीय बैठक हुई|

आंदोलनकारी ने दूध के कई टैंकर को रोक लिया है, दूध से स्नान कर रहे हैं, सड़कों पर बहा रहे हैं| कई लोग हिंसा पर उतर आए हैं, लेकिन मुंबई आने के लिए पुलिस उन्हें सुरक्षा नहीं दे रही। हालांकि पशुपालन व डेयरी विकास मंत्री महादेव जानकर ने कहा था कि दूध टैंकरों को पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाएगी|

स्वाभिमानी शेतकारी संघटना  और महाराष्ट्र किसान सभा की मांग है कि दूध पर पांच रुपए प्रति लीटर सब्सिडी और मक्खन व दूध पाउडर पर वस्तु एवं सेवा कर में छूट दी जाए| गौरतलब है कि सोमवार को लाखों लीटर दूध से लदे टैंकरों को पुणे, नासिक, कोल्हापुर, सांगली, बीड, पालघर, बुलढाणा, औरंगाबाद और सोलापुर के रास्तों में रोका गया| इसके बाद उन्हें सड़कों पर खाली कर दिया गया, जबकि एक टैंकर में अमरावती के निकट आग लगा दी गई|

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