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वाराणसी में धार्मिक स्थलों के पास मदिरा-मांसाहार पर पाबंदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और देश की आध्यात्मिक राजधानी के नाम से मशहूर वाराणसी में सभी मंदिरों और अन्य धरोहर स्थलों की 250 मीटर की परिधि में मदिरा यानी शराब और मांसाहारी भोजन यानी नॉनवेज पर पूर्ण रूप से पाबंदी लगा दी गई है। अब किसी भी धरोहर स्थल या फिर मंदिरों के 250 मीटर के दायरे में न तो शाराब बिकेगी और न ही मांसाहरी भोजन। इस प्रतिबन्ध से पहले उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अप्रैल माह में वाराणसी, वृंदावन, अयोध्या, चित्रकूट, देवबंद, देवा शरीफ, मिस्रिख -नैमिशारण्य आदि में शराब की दुकानों और मांसाहारी भोजन पर पाबंदी लगाए जाने का ऐलान भी किया था।

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अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आबकारी विभाग के अधिकारियों को काशी विश्वनाथ मंदिर, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि और इलाहाबाद के संगम क्षेत्र में 1 किलोमीटर तक के दायरे में इन दोनों पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं। एक उच्च अधिकारी ने जानकारी में बताया कि, दो दिन पहले ही वाराणसी नगर निगम (VMC) ने यह प्रस्ताव पारित किया था। इस प्रस्ताव में शराब और मांसाहारी भोजन पर मंदिरों और धरोहर स्थलों की 250 मीटर की परिधि में पूर्ण प्रतिबंध लगाने की बात कही गई थी।

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यह प्रस्ताव मेयर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता वाली वीएमसी की कार्यकारी समिति बैठक में पेश किया गया था। इस बारे में जानकारी देते हुए वीएमसी के उपाध्यक्ष नरसिंह दास ने कहा, “कार्यकारी समिति की बैठक में, पार्षद राजेश यादव ने मंदिरों और धरोहर स्थलों की 250 मीटर की परिधि में शराब और मांसाहारी भोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया।” दास ने आगे कहा कि अब इस प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी और फिर इसे पारित किया जाएगा। प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे प्रदेश सरकार के पास अंतिम स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की जाएगी।

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