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लव मैरिज के बाद मिले ‘रहमान’ टाइटल से मचा बवाल

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कोलकाता: कहते है जब किसी को कोई अच्छा लगता है. तब इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की वह किस जाति धर्म या रंग-रूप का है। उन्हें तो सिर्फ एक दूसरे से मतलब होता है. कुछ ऐसा ही हुआ कोलकत्ता की रहने वाली अदिति चौधरी के साथ अदिति को मुकुलेश्वेर रहमान नाम के एक लड़के प्यार हुआ हुआ था. जिसके बाद अदिति ने इस्लाम कबूल कर लिया था। और अदिति चौधरी से अदिति ‘रहमान’ बन गई थी। लेकिन साथ ही अदिति (Muslim Lady Aditi Rehman) ने शर्त भी रखी थी की उनकी मृत्यु के पश्चात उनका अंतिम संस्कार हिंदी रीति रिवाज के अनुसार किया जाय जिसे उसके पति और परिजनों ने निर्विरोध स्वीकार कर लिया था। लेकिन अदिति ने कभी नहीं सोचा होगा की ये निर्विरोध शर्त मृत्यु के पश्चात एक बड़े विरोध का विषय बन जायेगी।

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जानकारी के अनुसार जब 69 वर्ष में अदिति ‘ रहमान ‘ (Muslim Lady Aditi Rehman) की मृत्यु हुई तो ,उसकी अंतिम इच्छा के अनुसार उसके परिजन उसे हिन्दू रीती रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार करने के लिए कोलकाता के गरिया क्षेत्र में स्थित शवदाह गृह ले गए तो वहां के कर्मचारियों ने अदिति का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वजह महज इतनी थी अदिति के नाम के साथ रहमान जुड़ा हुआ था। शवदाह गृह के कर्मचारियों को मुकुलेश्वर और रिश्तेदारों ने समझाया कि अदिति हिंदू रीति-रिवाज से ही रहती थी और यहां तक की भगवान गणेश और कृष्ण की पूजा भी करती थी। लेकिन उसके बाद भी कर्मचारी अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं हुए ,

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इसके बाद परिजनो ने परेशान होकर वार्ड 110 से टीएमसी पार्षद अनूप चक्रवर्ती से इसकी शिकायत की , मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को समझते हुए पार्षद ने तुरंत कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्परेशन के डिप्टी मेयर अतिन घोष से संपर्क किया जिसके बाद टीएमसी सांसद के हस्तक्षेप के बाद अदिति ‘रहमान ‘ की अंतिम इच्छा पूरी हो सकी और शवदाह के कर्मचारियों द्वारा अदिति का अंतिम संस्कार हिन्दू रीती रिवाज के अनुसार किया गया।

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-Mradul tripathi

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