विपक्ष को करारी शिकस्त देने वाली केजरीवाल की 7 योजनाएं

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राजधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता हासिल कर ली है। आप संयोजक अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) तीसरी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे (Arvind Kejriwal will take oath as Chief Minister)। अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) का शपथ ग्रहण (Arvind Kejriwal Oath Ceremony) समारोह 16 फ़रवरी को रामलीला मैदान पर आयोजित किया जाएगा। शानदार जीत हासिल करने के बाद अरविंद केजरीवाल ने आज सुबह दिल्ली के LG अनिल बैजल से मुलाक़ात कर सरकार के गठन का दावा पेश किया। इस मुलाक़ात के दौरान ही केजरीवाल ने शपथ ग्रहण की तारीख भी उपराज्यपाल को बताई। इस विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Elections 2020) में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को जीत दिलाने के पीछे उनकी 7 महत्वपूर्ण योजनाओं का अहम योगदान रहा जिसे विपक्ष ने चुनाव प्रचार के दौरान ‘फ्रीबीज’ या ‘मुफ्त की सौगात’ करार दिया था। अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) द्वारा चलाई गई इन्हीं 7 योजनाओं ने आखिरकार एक बार फिर केजरीवाल को दिल्ली के तख़्त पर बैठा दिया। हालांकि इस बार ‘आप’ द्वारा जारी किए गए घोषणापत्र में भी कई अन्य घोषणाएं की गई हैं जिन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी अब अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal Oath Ceremony) के कंधों पर है। वैसे तो साल 2015 में दोबारा सत्ता में आने के बाद केजरीवाल सरकार ने कई वादों को पूरा किया और कई योजनाएं चलाईं लेकिन दिल्लीवसियों को 7 योजनाओं ने खूब लुभाया जिसका फायदा इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिला। चलिए जानते हैं उन्हीं 7 योजनाओं के बारे में।

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मोहल्‍ला क्‍लीनिक : इस योजना के बारे में सभी जानते हैं (Arvind Kejriwal Oath Ceremony) कि इस योजना को आम जनता के लिए शुरू किया गया था क्योंकि स्वास्थ्य सुविधा हमेशा से ही राजधानी की प्रमुख समस्या में से एक रही है। राज्य सरकार (State Government)  ने मोहल्‍ला क्‍लीनिक की सुविधा शुरू कर आम जनता को मुफ्त में और आसानी से स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं उपलब्ध करवाएं जिसका फायदा कई लोगों को हुआ। इसके अलावा केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने सड़क दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए ‘फरिश्‍ते’ योजना चलाई और उन्हें अस्पताल तक पहुंचाने वाले लोगों को इनाम देने का भी प्रावधान रखा। मोहल्‍ला क्‍लीनिक का जोर-शोर से प्रचार भी हुआ और इस चुनाव (Delhi Elections 2020) में उसका असर भी साफ़ देखने को मिला।

महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा : चुनावी (Delhi Assembly Elections 2020) घमासान शुरू होने से पहले ही केजरीवाल सरकार ने महिलाओं को राजधानी की बसों में मुफ्त यात्रा सेवा देने का ऐलान किया था। केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Oath Ceremony)  की इस योजना से हजारों-लाखों महिलाओं को फायदा मिला। ऐसा माना जा रहा है कि केजरीवाल की जीत के लिए इस योजना का सबसे अहम योगदान रहा।

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मुफ्त बिजली : केजरीवाल सरकार (AAP) की दूसरी सबसे कारगर योजना रही उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने की। मतलब राज्य सरकार ने दिल्लीवासियों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। इसके अलावा 200 यूनिट से लेकर 400 यूनिट को भी सब्सिडाइज्‍ड कर दिया, इसका मतलब इस पर सरकार की तरफ से उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलेगी। केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Oath Ceremony)  की यह योजना दिल्लीवासियों के बीच खासी लोकप्रिय हुई।

फ्री वाटर : राजधानी दिल्ली पिछले काफी लंबे समय से पानी की समस्या से जूझ रही है और यह दिल्लीवासियों का प्रमुख मुद्दा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal ने दिल्लीवासियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए और अपना एक वादा पूरा करते हुए 20,000 लीटर पानी प्रतिमाह मुफ्त देने की घोषणा की थी। केजरीवाल सरकार की इस योजना का लाभ काफी व्यापक पैमाने पर हुआ और दिल्लीवासियों ने इस योजना को काफी पसंद किया।

छात्रों को लोन : हालांकि छात्रों को बैंकों से लोन तो हमेशा से मिलता रहा है लेकिन पहले लोन की राशि बेहद कम थी साथ ही लोन हासिल करने के लिए छात्रों को काफी परेशान होना पड़ता था। केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Oath Ceremony)  ने छात्रों को आसानी से लोन उपलब्ध करवाने की स्कीम बनाई और इस लोन की सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपए कर दिया ताकि गरीब स्टूडेंट बेहतर शिक्षा ग्रहण कर सकें।

निजी स्कूलों में सुधार : केजरीवाल की सरकार से पहले राजधानी दिल्ली में निजी स्कूल अपनी मनमानी कर रहे थे जिससे दिल्लीवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी। केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Oath Ceremony)  ने निजी स्कूलों के इस रवैये के खिलाफ बेहद सख्त रुख इख्तियार किया जिसकी वजह से निजी स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस को वापस ले लिया। वहीं शिक्षा के अधिकार यानी RTE के तहत 25 फीसदी गरीब बच्चों को भी स्कूलों में दाखिला देना अनिवार्य करना पड़ा। इस कानून को केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में बेहद कड़ाई से लागू किया और बच्चों को इसका फायदा मिला।

मजदूरी बढ़ाई : केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal Oath Ceremony)  ने आम जनता के साथ कामगारों का भी पूरा ध्यान रखा और उनकी मजदूरी को 9,500 से बढ़ाकर 14,000 रुपए कर दिया। कामगारों के हित में उठाए गए इस कदम का केजरीवाल सरकार को भरपूर फायदा मिला।

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Prabhat Jain

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