जांच में बताया बेटी है, बेटा हुआ तो की हत्या

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झोलाछाप डॉक्टरों के कारण कई लोग अपनी जान गवां देते हैं| ये डॉक्टर पैसों की लालच में बिना डिग्री के अपना कारोबार जमाकर बैठ जाते हैं और लोग भी इनके जाल में फंसते चले जाते हैं| ऐसे ही कुछ झोलाछाप डॉक्टरों का काला कारनामा सामने आया है| डॉक्टरों ने अपनी कथनी को सही साबित करने के लिए एक मासूम को मौत के घाट उतार दिया|

मामला झारखंड के चतरा का है| यहां दो डॉक्टरों ने एक नवजात शिशु का लिंग काट दिया, जिससे उसकी मौत हो गई| बताया जा रहा है कि बलिया की रहने वाली गुड्डीदेवी गर्भवती थी| जब महिला को दर्द उठा तो वह क्लिनिक गई| दोनों डॉक्टरों ने गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कर उन्हें बताया था कि बेटी होगी| जब बच्चे का जन्म हुआ तो बेटी के बजाय बेटा हुआ| दोनों डॉक्टरों ने अपने कहे को सच करने के लिए नवजात का लिंग काट दिया|  ज्यादा खून बहने की वजह से मासूम की मौत हो गई| इसके बाद निर्दयी डॉक्टरों ने मासूम के शव को झाड़ियों में फेंक दिया| जब परिजन ने अपने बच्चे के बारे में पूछा तो डॉक्टरों ने कहा कि मरी हुई बच्ची का जन्म हुआ था|

मामले का खुलासा हुआ तो पता चला कि आस्था क्लिनिक के अनुज कुमार और अरुण कुमार अवैध रूप से क्लिनिक चला रहे थे| दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव ने मामले की सख्ती से जांच के आदेश दिए हैं|

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