विधायक ने बांध में उतरकर किया जल सत्याग्रह

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घुनघुत्ता डैम में आए दिन हो रहे हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने कांग्रेस विधायक चिंतामणि महाराज के साथ जल सत्याग्रह कर विरोध जताया। लगभग तीन घंटे से भी अधिक वक्त तक ग्रामीणों और कांग्रेसियों ने जल सत्याग्रह किया।

गहराई की ओर बढ़ते कदम

काफी देर तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने से नाराज विधायक हर आधे घंटे में पानी की गहराई की ओर 5 कदम बढ़ रहे थे। इसकी जानकारी लगते ही तत्काल मौके पर एसडीएम पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से चर्चा कर जल्द ही पुल निर्माण का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक व ग्रामीणों ने नदी से बाहर निकलकर सत्याग्रह खत्म किया।

4 साल में 15 की मौत

हाल ही में एक महिला घुनघुत्ता डैम को पार करते वक्त डूब गई। दिनभर लोगों के साथ एसडीआरएफ की टीम के गोताखोरों ने भी उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण उसका पता नहीं चला। गांववालों का कहना है कि अब तक 4 सालों में 15 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन और जनप्रतिनिधि को कोई चिंता नहीं हैं।

दो हिस्सों में बंटा

घुनघुत्ता डेम के बनने के बाद लवईडीह का बड़ा हिस्सा बांध के डूब क्षेत्र में आ गया है। इस वजह से एक ही ग्राम पंचायत दो हिस्सों में बंट गई है। बांध के उस पार साढ़े तीन सौ जबकि दूसरी तरफ पांच सौ लोग रहते हैं। हर दिन लोग अपने ज़रूरी कार्यों के लिए पानी को पार करते हैं। पहाड़ी नदी होने के कारण कई बार पानी बढ़ जाता है और लोग डूब जाते हैं।

नाव नहीं पुल चाहिए

जल सत्याग्रह खत्म होने के बाद विधायक, अधिकारियों व ग्रामीणों की बैठक हुई। ग्रामीणों ने कहा कि दो वर्ष पहले विकास प्राधिकरण की बैठक में सीएम ने पुल बनाने व स्कूल खोलने की घोषणा की थी, पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ। अधिकारियों ने नाव उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया, पर ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें नाव नहीं, पुल चाहिए।

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