किसानों के साथ की धोखाधड़ी

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पॉलीहाउस बनाने के नाम पर किसानों के साथ हुई धोखाधड़ी के मामले में अब बैंककर्मियों के खिलाफ़ कार्रवाई शुरू हो गई है।  पिछले साल धोखाधड़ी के शिकार हुए किसानों की शिकायत पर अब जाकर कार्रवाई हुई है। इस मामले में पहली गिरफ्तारी रायपुर के आरंग के बैंक ऑफ़ बड़ौदा के मैनेजर की हुई है। पुलिस ने मैनेजर को चारसौबीसी के मामले में गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, राज्य के आधा दर्जन जिलों में अच्छे उत्पादन और कमाई का भरोसा दिलाकर कई कंपनियों ने किसानों को लाखों की चपत लगाई थी। सरकार की कृषि योजनाओं के लिए दी जाने वाली रियायत और सब्सिडी वाले लोन व प्रोजेक्ट के साथ छेड़छाड़ की गई।

बैंक के अधिकारियों ने किसानों से कई कोरे दस्तावेजों और चेक पर दस्तखत ले लिए। इसके बाद बैंक से जारी लोन का आधा हिस्सा ही किसानों को मिल पाया और शेष रकम आरोपियों ने अपने खाते में डलवा ली। आखिरकार किसानों के कड़े विरोध के बाद धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई।

रायपुर के पुलिस अधीक्षक अमरेश मिश्रा के मुताबिक, आरोपी श्याम बंदिया ने 2015 में आरंग में पोस्टिंग के दौरान किसानों को सरकार से सब्सिडी दिलाने का आश्वासन दिया था और फिर किसानों का लोन भी स्वीकृत करवाया। श्याम बंदिया ने 30-30 लाख रुपए के चेक पर किसानों के हस्ताक्षर लेकर पूरी रकम अपने और पॉलीहाउस निर्माण करने वाली एक कंपनी के डायरेक्टर भरत पटेल के खाते में डलवा दी।

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