website counter widget

ED ने TMC सांसद केडी सिंह के 7 ठिकानों पर की छापेमारी

0

प्रवर्तन निदेशालय (ED) काफी एक्शन मोड में है। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) सख्त कार्रवाई कर रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राज्यसभा सांसद कुंवर दीप सिंह (केडी सिंह) के राजधानी दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित 7 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा छापेमारी की गई। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में उनके 7 ठिकानों पर छपामारा। छापेमारी की कार्रवाई गुरुवार को की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने केडी सिंह के बिजनेस ग्रुप अलकेमिस्ट से जुड़ी 14 कंपनियों के ऑफिस में छापेमारी की कार्रवाई की।

गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस ने केडी​ सिंह की कंपनियों पर मनी लॉन्ड्रिंग का मुकदमा दायर किया था। इन कंपनियों पर केस दर्ज किए जाने के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इस कार्रवाई में केडी सिंह के दिल्ली में तुगलक लेन स्थित आधिकारिक आवास, चंडीगढ़ आवास के अलावा दो कंपनी के डायरेक्टरों के आवास पर रेड डाली गई। इस छापेमारी के बाद ED ने कहा, “छापे के दौरान तमाम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और प्रॉपर्टी के जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं।”

प्रवर्तन निदेशालय ने आगे कहा, “केडी सिंह के दिल्ली आवास पर 32 लाख रुपए की नकदी और 10 हजार डॉलर की कीमत के बराबर विदेशी करंसी भी जब्त की गई है।” बता दें कि साल 2018 में कोलकाता पुलिस ने केडी सिंह के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की थी। इस FIR में केडी सिंह, उनके बेटे करनदीप सिंह, अलकेमिस्ट टाउनशिप लिमिटेड, अलकेमिस्ट होल्डिंग्स लिमिटेड सहित उनकी कई कंपनियों और डायरेक्टरों के विरुद्ध धोखाधड़ी का आरोप था। FIR में सभी के खिलाफ लोगों के साथ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। इसी एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।

इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि अलकेमिस्ट टाउनशिप इंडिया लिमिटेड और अल​केमिस्ट हो​ल्डिंग्स लिमिटेड कंपनियों के माध्यम से केडी सिंह ने कई ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की है। उन्होंने हजारों ग्राहकों से निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए बनाए हैं। केडी पर आरोप है कि उन्होंने अपने ग्राहकों को बातों में फंसाकर उन्हें यह कहकर फुसलाया कि निवेश के बाद उन्हें हाई रिटर्न मिलेगा। इतना ही नहीं केडी सिंह ने ग्राहकों को प्लॉट और फ्लैट्स का लालच भी दिया। ED ने कहा कि केडी ने ग्राहकों से ली हुई राशि को उस कार्य में नहीं लगाया जिसके लिए वह राशि ली गई थी। जबकि केडी ने इस रकम को दूसरी कंपनियों में फर्जी तरीके से निवेश किया। जिन कंपनियों में केडी सिंह ने निवेश किया था उन सभी के डायरेक्टर भी फर्जी निकले। ED ने अलकेमिस्ट ग्रुप से जुड़ी 239.29 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच कर दिया।

Prabhat Jain

ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.