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जानिए उस गुफा के बारे में जहां जन्मे थे बजरंगबली

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पवनपुत्र हनुमान के बारे में कौन नहीं जनता। हिन्दू धर्म में बजरंगबली का बहुत अधिक महत्व है। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि कलयुग में सिर्फ बजरंगबली ही जीवित देवता है। उन्हें अमरता का वरदान प्राप्त है। लेकिन आज के नेता बजरंगबली के नाम पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आते। बजरंगबली के नाम पर नेताओं ने राजनीति करना शुरू कर दिया है। हालांकि नेता अपने फायदे के लिए भगवान का नाम भी इस्तेमाल करने से जरा भी नहीं कतराते। लेकिन देश भर में बजरंगबली के भक्तों की भी कोई कमी नहीं है। बजरंगबली की आराधना जो कोई सच्चे मन से करता है उसकी सभी परेशानियों का अंत हो जाता है।

बजरंगबली अपने भक्तों पर सदा मेहरबान रहते हैं और अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखते हैं। देश भर में बजरंगबली के भक्त हर मंगलवार और शनिवार को उनके मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करते हैं। अगर आपके जीवन में कोई कठिनाई या समस्या हो जिसका समाधान आपको कहीं नहीं मिल रहा हो, तो निराश होने की जरूरत नहीं है।

आप पूरी श्रद्धा से बजरंगबली की आराधना कीजिए। इस कलयुग में सिर्फ बजरंगबली ही हैं जो सभी की नैया को पर लगाते हैं। हालांकि आज भी कई लोग ऐसे हैं जो इस बात से अनजान हैं कि असल में बजरंगबली, भगवान शिव के ही रुद्रअवतार हैं। बजरंगबली का जन्म भारत की पवित्र भूमि पर हुआ है। आपको बताते हैं कि बजरंगबली ने कहां पर जन्म लिया था।

दरअसल मान्यताओं के अनुसार हुनमान जी का जन्म झारखंड के गुमला जिला मुख्यालय से 21 किलोमीटर दूर बसे गांव आंजन में हुआ था। इस गांव में एक गुफा है वहीं पर हनुमान जी का जन्म हुआ था। बजरंगबली के जन्म के कारण ही इस गांव का नाम आंजन धाम रखा गया है। वैसे बजरंगबली माता अंजनी के पुत्र थे। और माता अंजनी का निवास स्थान होने की वजह से इस गांव को आंजनेय भी कहा जाता है। इस गुफा के दर्शन के लिए लोग बड़ी दूर-दूर से आते हैं। कहा जाता है कि जो कोई इस गुफा के दर्शन करता है उसकी सारी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं।

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