सीएम खट्टर: दुष्कर्मी से छीन ली जाए सारी सुविधाएं

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देश में छेड़छाड़ और दुष्कर्म जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं| इन घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सरकार भी पुरज़ोर कोशिशें कर रही है, लेकिन जैसे-जैसे ऐसे मामलों के खिलाफ नियम कानून बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे ऐसी घटनाओं में भी वृद्धि हो रही है| ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने और आरोपी को सख्त सज़ा दिलाने के उद्देश्य से हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने एक ऐलान किया है|

सीएम खट्टर ने दुष्कर्मियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली| उन्होंने कहा कि दुष्कर्म या छेड़खानी का आरोप लगते ही आरोपी की सारी सरकारी सुविधाएं रोक देनी चाहिए| मामला का निपटारा होने तक उन्हें कोई सुविधा नहीं मिलनी चाहिए| इन सुविधाओं में बुढ़ापा या विकलांग पेंशन, वज़ीफ़ा, ड्राइविंग और हथियार लाइसेंस जैस सुविधाएं शामिल है| मुख्यमंत्री ने यह बयान गुरुवार को दिया|

मुख्यमंत्री खट्टर ने घोषणा की कि हरियाणा में दुष्कर्म के मामले में अदालत का आदेश आने तक आरोपी के लिए ये सेवाएं रद्द रहेंगी| यदि आरोपी को दोषी साबित किया जाएगा और उसे सजा होगी तो वह इन सुविधाओं के लिए कभी पात्र नहीं होगा|

उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराध करने वालों लोगों को सुधरने की चेतावनी भी दी और कहा कि वे राज्य को महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा
व संरक्षा के मामले में देश में अव्वल बनाएंगे| इसके लिए 15 अगस्त या रक्षाबंधन के अवसर पर 26 अगस्त से एक योजना की शुरुआत भी की जाएगी| प्रदेश में दुष्कर्म पीड़िता यदि सरकारी वकील के अलावा किसी अन्य वकील से मामले की पैरवी कराना चाहती है तो उसे सरकारी की ओर से 22,000 रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी|

सीएम खट्टर ने कहा कि दुष्कर्म और छेड़छाड़ के मामलों में राज्य सरकार सख्त रवैया अपना रही हैं, ऐसे मामलों की एक महीने के अंदर जांच करनी जरुरी होगी, यदि ऐसा नहीं किया गया तो मामले में संबंधित अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी| वहीं दुष्कर्म, उत्पीड़न और मानसिक उत्पीड़न के लंबित मामलों के निपटारे के लिए छह फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाई जाएंगी|

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