किडनी की बीमारी से जूझ रहे पत्रकार के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल ने सभी का दिल जीत लिया

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ऐसे जीवन (Hemant Soren’s Initiative For a Journalist) का क्या करना जिसकी वजह से आप जिंदा रहते हुए किसी आदमी को एक नयी जिंदगी न दे सकें. किसी के चेहरे पर मुस्कान न ला सकें और किसी के बच्चों को अनाथ होने से न बचा सकें. ये कुछ ऐसे शब्द हैं ऊर्दू अखबार के पत्रकार तनवीर मिर्जा के, जो बीते दो साल से अपने परिवार के सहयोग से बस एक बात को लेकर संघर्ष कर रहे हैं कि वह अपनी किडनी की बीमारी (Kidney Disease) का इलाज करा सकें. अगस्त 2018 के पहले तनवीर मिर्जा की जिंदगी इतनी बेबस नहीं थी. तब उनके पास जरूरी जीवन मयस्सर करने लायक वह सब कुछ था जो एक आम निम्न- मध्यम वर्ग के लोगों के पास होता है.

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तनवीर आज किडनी की बीमारी से ग्रसित (Tanveer suffers from kidney disease) हैं. इन दो साल (Hemant Soren’s Initiative For a Journalist)  में उनकी जिंदगी पूरी तरह से बदल कर रख दी. उनकी दोनों किडनी इस कदर सिकुड़ गयी है कि यह एंड स्टेज डिजीज के करीब पहुंच गयी है. दूसरे के दुख: दर्द का हाल बताने वाले पत्रकार तनवीर मिर्जा (Journalist Tanveer Mirza)  को आज खुद की खबर की दरकार है. लेकिन इस जानलेवा बीमारी से पीड़ित होने के बावजूद उन्होंने जीने की आस नहीं छोड़ी है.

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उनका हौसला ही है कि अभी कुछ दिन ही हुए होंगे जब वह कडरू में हो रहे सीएए और एनआरसी (NRC) के प्रोटेस्ट की रिपोर्टिंग करने पहुंच गये. अभी जो लोग इस बीमार के कारण यह सोचकर चिंता करते हैं (Hemant Soren’s Initiative For a Journalist) कि अब उनका जीवन ज्यादा दिन का नहीं, उन्हें भी वह हंसकर जीने की प्रेरणा देते हैं. वह कहते हैं कि जीवन जीने की आस तो मैंने कभी छोड़ी ही नहीं. मिर्जा दर्द के भाव को चेहरे पर आने से लगभग रोकते हुए कहते हैं कि तब 40 का था अब फर्क बस इतना है कि डायलिसिस और उपचार कराते-कराते आज 42 का हो गया हूं. साल 2003 में पिता का इंतकाल हो गया और 2016 में मां ने साथ छोड़ दिया.

तनवीर (Tanveer) ने कहा कि वह आर्थिक तंगी के कारण वह आपरेशन नहीं करा पा रहे हैं. वह कहते हैं, लोगों के चंदे के भरोसे ही सांस ले पा रहा हूं. दो छोटे-छोटे बच्चे उनकी पढ़ाई, घर का राशन, अस्पताल और दवा का बेहिसाब खर्च, सब कुछ भीतर से तोड़ देता है. आपको बता दें समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद सहयोग के लिए देश विदेश से जुड़े बड़ी संख्या में मददगार सामने आये, लेकिन खुद्दारी कि हद तो देखिये उन्होंने सभी का शुक्रिया अदा करते हुए पैसे लेने से मना कर दिया.

हालांकि तनवीर का दर्द प्रकाश में आने के बाद झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren’s Initiative For a Journalist) ने डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर रांची (District Collector Ranchi) को ट्वीट करके आदेश दिया है कि कृपया तनवीर मिर्ज़ा जी को कल हुए कैबिनेट फ़ैसले के आलोक में मुख्यमंत्री (CM Hemant Soren) असाध्य रोग उपचार योजना के तहत मदद पहुँचाते हुए सूचित करें। इस पहल के लिए तनवीर ने मुख्यमंत्री (CM Hemant Soren) जी का आभार व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर कि है। मिर्जा कहते हैं फिलहाल पैसे की नहीं सबसे ज्यादा जरूरत डोनर की है. अब ट्रांसप्लांट के लिए लोगों से सहयोग और दुआ का ही सहारा है.

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-मृदुल त्रिपाठी

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