एम्बुलेंस का दरवाजा नहीं खुलने से मासूम की मौत

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देश-प्रदेश में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था की तस्वीरें लगातार सामने आती रहती हैं, लेकिन सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था को सुधारने में विफल रही है| हाल ही में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही की एक बड़ी खबर सामने आई है| रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में बड़ी लापरवाही के कारण एक मासूम बच्ची की मौत हो गई| दरअसल, बच्ची को अस्पताल की संजीवनी एक्सप्रेस से लाया गया था, लेकिन दो घंटे तक एम्बुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला। इससे बच्ची का दम घुट गया और उसकी मौत हो गई|

जानकारी के मुताबिक, बिहार के गया से एक परिवार अपनी डेढ़ माह की बेटी कुंज को इलाज के लिए रायपुर के आंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराने लाए थे|  माता-पिता ने रायपुर रेलवे स्टेशन से ही बच्ची के लिए संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस की थी| कुछ देर में एम्बुलेंस रेलवे स्टेशन से आंबेडकर अस्पताल पहुंची, लेकिन जब बच्ची को एम्बुलेंस से बाहर निकालने का समय आया तो एम्बुलेंस का दरवाजा ही नहीं खुला| एम्बुलेंस चालक, परिजन और वहां मौजूद अस्पताल के स्टाफ ने एम्बुलेंस का दरवाजा खोलने की काफी कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला| यह स्थिति करीब 2 घंटे तक बनी रही| ऐसे में दम घुटने से बच्ची बेसुध हो गई|

बच्ची की हालत को देखते हुए उसे ड्राइवर सीट के पास वाले गेट से कांच को हटाकर बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बच्ची की मौत हो चुकी थी|अस्पताल की अव्यवस्था के चलते एक मासूम बच्ची की जान चली गई| इधर, बच्ची की मौत के बाद दुखी मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। फिलहाल प्रबंधन ने मामले की जांच की बात कही है| छत्तीसगढ़ की मध्यप्रदेश सरकार जहां एक ओर प्रदेश में विकास के तमाम दावे करती है वहीं दूसरी ओर ये तस्वीरें कोई और ही कहानी बयां कर रही है|

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