चुनाव में जीतने के लिए मतदाताओं को वश में करने की कोशिश

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लोग जंग में जीतने के लिए क्या क्या नहीं करते, भारत में चुनाव के लिए हर नेता टिकट लेने के लिए अपने पूरे हाथ पैर मारने की कोशिश करते हैं। चुनाव (Chhattisgarh Panchayat Elections Fraud) की इस दौड़ में लोग पद पाने के लिए गैर कानूनी हरकत करने से भी नहीं कतराते। लोग एक पद को लेकर लड़ाई भी करते हैं और कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाते हैं। चुनाव (Chhattisgarh Elections) में खड़े उम्मीदवार जीत के लिए चुनाव से पहले कई योजनाए बनाते है, प्रचार करते है और लोगों से कई वादे भी करते हैं। आपने वोट पाने के लिए बहुत सी बातें सुनी होंगी। लेकिन छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh Panchayat Elections) के भिलाई के पास पहरा गांव से एक अजीब सी घटना सामने आई है।आज के दौर में भी लोगों में अन्धविश्वास ने जगह बनाई हुई है। पहरा गांव में पंचायत (Chhattisgarh Election) चुनाव होने थे। ग्रामीणों का आरोप है की वहां से एक प्रत्याशी ने 2 तांत्रिकों से मिलकर पूरे गांव के लोगों को वश में करने की कोशिश की है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने बताया कि मतदाताओं को वश में करने के लिए गांव में जगह-जगह नीबू और मिर्ची टांगे गए। इस बात को लेकर गांव में हंगामा हो गया और ग्रामीणों ने 2 तांत्रिकों (Chhattisgarh Panchayat Elections Fraud) समेत एक प्रत्याशी के समर्थकों को पीट दिया।

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चुनाव में जीतने के लिए मतदाताओं को वश में करने की कोशिश

लोग जंग में जीतने के लिए क्या क्या नहीं करते, भारत में चुनाव के लिए हर नेता टिकट लेने के लिए अपने पूरे हाथ पैर मारने की कोशिश करते हैं। चुनाव की इस दौड़ में लोग पद पाने के लिए गैर कानूनी हरकत करने से भी नहीं कतराते। लोग एक पद को लेकर लड़ाई भी करते हैं और कुछ भी करने के लिए तैयार हो जाते हैं। चुनाव में खड़े उम्मीदवार जीत के लिए चुनाव से पहले कई योजनाए बनाते है, प्रचार करते है और लोगों से कई वादे भी करते हैं। आपने वोट पाने के लिए बहुत सी बातें सुनी होंगी। लेकिन छत्तीसगढ़ के भिलाई के पास पहरा गांव से एक अजीब सी घटना सामने आई है।

Talented India News द्वारा इस दिन पोस्ट की गई बुधवार, 5 फ़रवरी 2020

वहीँ मौके पर पुलिस गांव पहुंची और बीच (Chhattisgarh Panchayat Elections Fraud)  बचाव कर लोगों को शांत कराया। पुलिस ने दोनो तांत्रिकों को हिरासत में लिया।इसके बाद ए.एस.पी. लखन पटेल ने बताया कि रात करीब एक बजे पहरा गांव में हंगामा और मारपीट की सूचना मिली थी। तभी सी.एस.पी विश्वास चंद्राकार (CSP Vishwas Chandrakar) और टी.आई. जितेंद्र वर्मा (T.I. Jitendra Verma) मौके पर पहुंचे। पता चला कि दोनों तांत्रिकों को दूसरे शहर बुलवाया था। ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी। साथ ही प्रत्याशी के घर के बाहर धरने पर बैठ गए। ख़बरों से पता चला कि तांत्रिकों के नाम भानुप्रताप यादव और गणेश निषाद है। जिसमे भानुप्रताप (Bhanupratap) झोलाछाप डॉक्टर है।फिर थाना प्रभारी जितेंद्र वर्मा (Police Incharge Jitendra Verma) ने बताया की पूरे गांव में जगह जगह नीबू मिर्ची मिले लेकिन लोगों के घरों पर नीबू मिर्ची किसने टांगे इसका प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद भानुप्रताप यादव (Bhanupratap Yadav) और गणेश निषाद (Ganesh Nishad) से पूछताश के बाद उन्हें छोड़ दिया। ख़बरों से पता चला की जिस प्रत्याशी के घर के बहार ग्रामीण धरने पर बैठे थे वो चुनाव में हार गया।

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Vagisha Pandey

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