बिरयानी बनी परेशानी, 43 लोगों पर दर्ज हुआ मुकदमा

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उत्तर प्रदेश के महोबा से एक बेहद ही अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल महोबा के सालट गांव में बीती 31 अगस्त को एक धार्मिक समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह के बाद सामूहिक भोज का कार्यक्रम भी किया गया। इस सामूहिक भोज में बिरयानी को लेकर एक ऐसा विवाद उत्पन्न हुआ कि इसने आख़िरकार मुक़दमे की शक्ल ले ली। इस कार्यक्रम में बिरयानी खाने वाले वर्ग विशेष के लोगों पर आपत्ति उठाई गई। दरअसल इस समारोह में शामिल हुए लोगों का आरोप है कि सभी शाकाहारी लोगों को धोखे से मांसाहारी बिरयानी खिलाई गई। इसके बाद समारोह में शामिल लोगों ने पुलिस की शरण ली और फिर उनकी तहरीर पर 23 नामजद लोगों सहित 43 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई।

जिनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई उनमें कल्लू, शहादत, छुट्टन, रमजान, रशीद, मुन्ना, पप्पू, मजीद, नजीर, कमरुद्दीन, हजरत, बशीर, राजू, अंसार, अकरम, साबिर, शरीफ, समीम, यूनुस, यूसुफ, भूरा व मुन्ना निवासी लाड़पुर शामिल हैं। इनके अलावा 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। सभी के खिलाफ चरखारी कोतवाली में धोखाधड़ी के अलावा कुछ अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच किसी भी तरह का कोई विवाद न हो इसलिए गांव में फोर्स की तैनाती कर दी गई है।

मामला तब सामने आया जब मांसाहारी बिरयानी खाने के बाद उनके दोस्तों ने उनका शुद्धिकरण करने की सलाह दी और गंगा स्नान व अनुष्ठान करने के लिए जोर देने लगे। इसके बाद धोखे का शिकार हुए लोगों ने समारोह का आयोजन करने वाले आयोजकों से अनुष्ठान करवाने के लिए खर्चे की राशि की मांग की। इस बात की जानकारी जब कोतवाल को लगी तो उसने दोनों पक्षों को बैठाकर सुलह करवाई। इस दौरान धोखे से मुर्गे की बिरयानी खिलाए जाने की बात सामने आई। तब इस पर कोतवाल ने दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर इस मामले को शांत करा दिया। लेकिन अगले दिन जब क्षेत्र में चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनके सामने यह मुद्दा उठाया। इस पर विधायक ने तत्काल ही थाना प्रभारी को निर्देश देते हुए कहा कि मामले की जांच की जाये और यदि सच में धोखे से बिरयानी खिलाई गई है तो दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

Prabhat

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