हजारीबाग में बुराड़ी जैसा कांड, क्या थी वजह? 

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दिल्ली के बुराड़ी क्षेत्र में 11 लोगों की मौत की गुत्थी अभी सुलझी भी नहीं थी कि झारखंड के हजारीबाग जिले से ऐसी ही एक और घटना सामने आ गई| बुराड़ी हत्याकांड के रहस्यों पर पूरे देश की नज़रें टिकी हुई थीं, वहीं अब एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत से देश फिर दहल गया है|

हजारीबाग में एक ही परिवार के 6 सदस्यों ने कथित तौर पर आत्महत्या की है| इस घटना से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है| माना जा रहा है कि परिवार ने यह फैसला कर्ज के बोझ तले लिया| अभी भी यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि यह आत्महत्या है या हत्या?

घटनास्थल पर बंद लिफाफे में एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिस पर गणित के फॉर्मूले के जैसे मामले को समझाने की कोशिश की गई है| इसमें लिखा है, “बीमारी+दुकान बंद+ दुकानदारों का बकाया न देना+ बदनामी+ कर्ज = तनाव → मौत| लिफाफे पर यह भी लिखा है कि अमन ( बच्चा) को लटका नहीं सकते थे इसलिए उसकी हत्या की गई|

दरअसल, परिवार में छह सदस्य थे, जिनमें माता-पिता, बेटा-बहू और पोता-पोती शामिल थे| मृतक महावीर माहेश्वरी (70 साल) हजारीबाग के महावीर स्थान चौक पर ड्राई फ्रूट्स की होलसेल की दुकान चलाते थे| महावीर और उनकी पत्नी किरण माहेश्वरी (65) का शव फंदे पर लटका हुआ मिला| महावीर के एकलौते बेटे नरेश अग्रवाल (40) ने छत से कूदकर जान दी वहीं उनकी पत्नी प्रीति अग्रवाल (37) का शव पलंग पर, नरेश की बेटी यान्वी (6 साल) का शव सोफे पर तथा नरेश के बेटे अमन (11) का गला कटा मिला| इस हृदयविदारक मंज़र को जिसने भी देखा, उनका दिल दहल गया| पुलिस का कहना है कि 3 लोगों की मौत फांसी लगाकर हुई है जबकि दोनों बच्चों का गला काटा गया है और  नरेश ने छत से कूदकर आत्महत्या की है|

नरेश अग्रवाल के चचेरे भाई देवेश और उनके पड़ोसियों का कहना है कि पूरा परिवार काफी सीधा और स्वभिमानी था| व्यवसाय काफी फैला हुआ था, लेकिन काफी दिनों से मार्केट में पैसा फंसा था| कहा जा रहा है कि परिवार पर 50 लाख से अधिक का कर्ज था| वहीं कई लोगों ने यह भी बताया कि नरेश की मानसिक हालत ठीक नहीं थी| फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच में जुटी हुई है|

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