छत्तीसगढ़ बाइक व स्कूटर लाये तीन करोड़ की मुरम

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आमतौर पर सरकारी विभाग में घोटाला कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जब घोटाले का तरीका आपको चौंका दे तो आप भी ऐसे अधिकारियों को सलाम करेंगे| ऐसा ही एक बड़ा घोटाला छत्तीसगढ़ में सामने आया है| यहाँ वन विभाग के अधिकारियों ने नए और अनूठे तरीके से एक घोटाले को अंजाम दिया। यह घोटाला बिहार के चारा घोटाले की तरह ही सुर्खियों में  है, जिसमें बाटनिकल गार्डन के अफसरों ने करोड़ों रूपए की मुरम की ढुलाई बाइक और स्कूटर से करना बताकर सभी के कान खड़े कर दिए| सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के आधार पर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रवक्ता संजीव अग्रवाल ने खुलासा किया कि इन अधिकारियों ने 3 करोड़ से अधिक का मुरम घोटाला किया है। इसके बाद पूरे प्रदेश में विभाग के इस घोटाले की चर्चा है|

निविदा आमंत्रित नहीं की

घोटाले को उजागर करने वाले अग्रवाल ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने बाटनिकल गार्डन के तालाब की खुदाई के लिए टेंडर भी प्रकाशित नहीं किया । खास बात तो ये भी है कि इस संबंध में रायपुर वन मंडल कार्यालय ने साफ-साफ बताया कि तालाब खुदाई के लिए किसी भी तरह की निविदा आमंत्रित नहीं की गयी।

50  गाड़ियों का उपयोग

तालाब क्रमांक 3 और 4  में गहरीकरण और पिचिंग-स्टोन के काम के लिए 2015-16 में अनुमोदित वित्तीय प्रावधान में कुल स्वीकृत राशि 745.32 लाख रुपये थी, जिसमें से जारी राशि 600 लाख रुपये थी। वन विभाग ने जिन गाड़ियों से मुरम की ढुलाई की जानकारी दी है, उसमें सीजी 04 एचडी 6228 नंबर की गाड़ी इंडिगो माजा कार है, जो छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के एमडी के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसी तरह सीजी 12 एई 4107 का नंबर बजाज डिस्कवर मोटर साइकिल का है, जो कोरबा के आनंद के नाम पर रजिस्टर्ड है। सीजी 04 डीसी 1744 नंबर हीरो होंडा पैशन प्लस, सीजी 04 एचडी 4206 नंबर इंडिका विस्टा के नंबर पर रजिस्टर्ड हैं। ऐसी करीब 50 गाड़ियां हैं, जो या तो कार, बाइक के नाम पर रजिस्टर्ड हैं|

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