एंटी क्रिश्चियन बताकर हो रहा राज्यपाल का विरोध

0

हमारे देश में राष्ट्रपति और राज्यपाल के पद संवैधानिक माने जाते हैं| इन पदों पर बैठने वाले व्यक्तियों को राजनीति से कोई मतलब नहीं रहता है  न आम जनता इन पर कोई प्रश्न उठाती है, परंतु अब मिजोरम में नए राज्यपाल की नियुक्ति पर ही बवाल खड़ा हो गया है| विरोधकर्ता नए राज्यपाल को क्रिश्चिनिटी के लिए खतरा बता रहे हैं|

गौरतलब है कि हाल ही में ओडिशा मे प्रोफेसर गणेशीलाल तथा मिजोरम में कुम्मानम राजशेखरन की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति हुई है| मिजोरम के दो संगठन ग्लोबल काउंसिल ऑफ इंडियन क्रिश्चियंस और पीपुल्स रिप्रजेंटेशन फॉर आइडेंटिटी एंड स्टेटस ऑफ मिजोरम (पीआरआईएसएम) राजशेखरन की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं| इसके खिलाफ मिजोरम में आंदोलन छिड़ गया है|

पीआरआईएसएम अध्यक्ष वनलालरुआता के राजशेखरन ने कहा कि सभी जानते हैं राजशेखरन एंटी सेक्युलर हैं| वे आरएसएस और वीएचपी के कार्यकर्ता रह चुके हैं तथा एंटी क्रिश्चियन हैं| हम एक क्रिश्चियन स्टेट हैं तथा वे हमारे लिए खतरा बन सकते हैं|

गौरतलब है कि इस साल के अंत में मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं और अंदेशा यह लगाया जा रहा है कि बीजेपी ने अपना हित साधने के लिए उनकी नियुक्ति की है| राजशेखरन पर 1983 में हिंदू ईसाइयों के बीच हुए उपद्रव को भड़काने का आरोप है|

पीआरआईएसएम ने लोगों से अपील की है कि वे नए राज्यपाल का विरोध करें | सोशल  मीडिया पर इस विरोध के खिलाफ भी गुस्सा फूट पड़ा है. इसका कारण है पीआरआईएसएम द्वारा मिजोरम को एक क्रिश्चियन स्टेट कहना|

Share.