मेदांता फार्मेसी के खिलाफ इसलिए हुई कार्रवाई

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मेडिकल बोर्ड ने मेदांता के आंतरिक फार्मेसी का लाइसेंस रद्द कर दिया है| यह फैसला गुरुग्राम में अस्पताल की लापरवाही के कारण लिया गया है| बताया जा रहा है कि पिछले वर्ष अस्पताल ने एक बच्चे की मौत के बाद उसके परिजन से अधिक बिल वसूला था|

मेडिकल बोर्ड ने जांच करने के बाद पाया कि अस्पताल द्वारा इलाज के बाद अधिक फीस ली जाती है| जांच अधिकारी ने बताया कि मेदांता अस्पताल ने दवाओं के लिए ज्यादा पैसा वसूले और सही तरीके से बिल, रिकॉर्ड्स को संभालकर नहीं रखा| गौरतलब है कि सात वर्षीय शौर्य प्रताप की डेंगू संक्रमण के कारण मौत हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल से 15 लाख 88 हज़ार का बिल बनवाया गया था| बच्चे को बचाने के लिए उसके पिता ने अपना घर भी गिरवी रख दिया था, लेकिन बच्चे की जान नहीं बच पाई |

वरिष्ठ ड्रग अधिकारी सुनील चौधरी ने मामले की जांच के बाद बताया कि शौर्य प्रताप केस में उल्लंघन का मामला सामने आया है, जिसके बाद हमने अस्पताल का फार्मेसी का लाइसेंस रद्द कर दिया है| बच्चे की मौत के बाद उसके पिता ने मेडिकल बोर्ड से गुहार लगाई थी| अब जांच में अस्पताल को दोषी पाया गया है| शौर्य के पिता ने पिछले हफ्ते ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की थी कि उन्हें मेदांता से पूरा पैसा वापस मिल गया है|

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