हर साल होती है 1.40 लाख बच्चों की मौत

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छत्तीसगढ़ में छह अगस्त से मीजल्स और रूबेला टीकाकरण महाअभियान शुरू होने जा रहा है। प्रदेश के 83 लाख बच्चों को टीके लगेंगे| प्रत्येक जिले में लगभग  7.40 लाख बच्चों को टीके लगने के आंकड़े बताए जा रहे हैं। यह टीकाकरण आसान नहीं क्योंकि अभिभावक सहमति नहीं दे रहे हैं, वे डरे हुए हैं।

यही वजह है कि स्वास्थ्य अमला रोजाना स्कूलों में जा रहा है, प्रबंधन से मिल रहा है। उनके माध्यम से अभिभावकों तक पहुंचा जा रहा है और उन्हें इस बीमारी के बारे में समझाया जा रहा है। सरकारी स्कूल में कोई परेशानी नहीं, लेकिन निजी स्कूलों में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। 6 अगस्त से लगातार दो महीने तक यह टीकाकरण होगा। स्कूलों के अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण होगा। यह टीका पूरी तरह से मुफ्त है। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी अपील की है कि यदि कोई संस्था या व्यक्ति इसके लिए पैसों की मांग करता है तो तत्काल इसकी सूचना दें। विभाग ने यह भी कहा कि इसका कोई साइड इफैक्ट नहीं है।

क्या है मीजल्स

खसरा ( मीजल्स ) या शीतला रोग बच्चों में होने वाली बीमारी है, जो छूने से फैलती है। यह एक तरह के वायरस ( मीजल्स वायरस ) से होती है। इस बीमारी में पूरे शरीर पर लाल दाने या चकत्ते हो जाते हैं। बुखार, खांसी और नाक बहने की समस्या भी हो सकती है। इस बीमारी से बचने के लिए टीका उपलब्ध है। रूबेला को जापानी खसरा या तीन दिनी मीज़ल्स भी कहते हैं। रूबेला वायरस अत्यंत शीघ्रता से फैलने वाला संक्रमण है। इसे हल्के लाल या गुलाबी रंग के घावों से पहचाना जाता है। यह त्वचा और लसिका ग्रंथियों को प्रभावित करता है। आमतौर पर यह मंद होता है।

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