website counter widget

माया से बदला लेने का ब्लू प्रिंट तैयार

0

लोकसभा चुनाव के लिए हुए बसपा (bsp) सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी( sp के अध्यक्ष अखिलेश यादव का गठबंधन परिणामों के साथ ही टूट गया| अब मायावती अखिलेश पर हमलावर है| हालाँकि अखिलेश ने खुद को और अन्य नेताओं को इस मुद्दे पर किसी भी तरह की बयानबाजी से रोक रखा है, जिसके चलते सपा नेता बसपा और मायावती के खिलाफ अपनी भड़ास को दबाए रखने पर मजबूर हैं लेकिन अब खबर है कि इस धोखे का बदला लेने का ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है| इस कोशिश में माया के वोट बैंक में सेंधमारी मुख्य है | जिसे अखिलेश यादव संपर्क और संवाद के फॉर्मूले से अंजाम देना चाहते हैं|

इंदौर के एक चायवाले ने पीएम को लिखा पत्र, आया जवाब

उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के गठबंधन कर चुनावी मैदान में उतरने से सबसे ज्यादा फायदे में मायावती (mayavati) रहीं| बसपा प्रदेश में जीरो से 10 सीटों पर पहुंच गई और उसका वोटबैंक भी पिछले चुनाव के मुकाबले सुधर रहा | वहीं, अखिलेश यादव (akhilesh yadav) गठबंधन में रहकर घाटे में रहे | उनके वोट तीन फीसदी तक घट गए| पार्टी पिछले चुनाव की तरह पांच सीटें तो जीत गई, लेकिन उसके अपने ही मजबूत गढ़ कन्नौज में डिंपल यादव, बदायूं में धर्मेंद्र यादव और फिरोजाबाद में अक्षय यादव हार गए|

मोदी को याद आया मुस्लिमों पर गटर वाला बयान

मायावती के आरोपों पर सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी कहते हैं कि अखिलेश यादव का चरित्र किसी को धोखा देने वाला नहीं है| लोकसभा चुनाव में सपा ने पूरी ईमानदारी से गठबंधन धर्म निभाया है| इसके बावजूद मायावती ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन तोड़ दिया और उपचुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया है| एक वरिष्ठ सपा नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चाहे तो पार्टी मायावती के आरोपों का पलटकर जवाब दे सकती है, लेकिन इससे स्थितियां बिगड़ेंगी, क्योंकि सपा-बसपा का गठबंधन सिर्फ दो दलों का गठबंधन नहीं था बल्कि जनता का खासकर दलित-यादव समुदाय का जमीनी स्तर पर बना गठबंधन था|

Apple Watch ने बचाई हृदय रोगी की जान

Summary
Review Date
Author Rating
51star1star1star1star1star
ट्रेंडिंग न्यूज़
Share.