शिवसेना ने सरकार को दी चेतावनी

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राम मंदिर निर्माण को लेकर शिवसेना और विहिप ने कमर कस ली है। शिवसेना को भाजपा का सहयोगी दल माना जाता है। भाजपा के इसी सहयोगी दल ने सोमवार को कहा कि यदि सरकार मंदिर निर्माण का विधेयक नहीं लाती है तो शिवसेना मंगलवार से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान संसद को नहीं चलने देगी।

शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे ने जानकारी दी कि शीतकालीन सत्र से पहले सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शिवसेना ने यह बात कही है। आज सरकार द्वारा सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी जिसमे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल थे। खैरे ने बैठक समाप्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ‘शिवसेना की मांग है कि सरकार राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में विधेयक लाए। अगर सरकार मंगलवार से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र में ऐसा नहीं करती है तो हमारी पार्टी संसद नहीं चलने देगी।’

संसदीय मामलों के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस सर्वदलीय बैठक का यह एजेंडा नहीं था। इस बयान से तोमर ने राम मंदिर निर्माण के सवाल पर अपना पल्ला झाड़ लिया कि सरकार इस सत्र में विधेयक लाएगी या नहीं। इससे पहले शिवसेना यह स्पष्ट कर चुकी है कि यदि राम मंदिर निर्माण पर सरकार कोई कदम नहीं उठाती तो भाजपा की सरकार नहीं चल सकती।

गौरतलब है कि पिछले माह अयोध्या में सर्वधर्म सभा का आयोजन किया गया था और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी इसमें शामिल हुए थे। उद्धव ने इस सर्वधर्म सभा में कहा था कि भाजपा ने 2014 के चुनावों में अपने घोषणा पत्र में कहा था कि राम मंदिर निर्माण का संभावित हल खोजा जाएगा। संविधान के दायरे में रहकर मंदिर निर्माण करवाया जायगा, लेकिन अभी तक इसका कोई हल नहीं निकला है जबकि राज्य और केंद्र दोनों ही जगह भाजपा की सरकार है।

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