धांधली: 13 हजार मोबाइल का IMEI नम्बर एक जैसा

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देश में मोदी सरकार और यूपी में योगी सरकार सदा से ही सुसाशन और भ्रष्टाचार मुक्त भारत का ढिंढोरा पिटती रही है लेकिन आये दिन इसकी पोल खुलती रहती है. अब मेरठ (Meerut)  में खुलासा हुआ है कि  एक IMEI नंबर पर तेरह हज़ार से ज्यादा फोन एक्टिव हैं. जबकि हर मोबाइल फोन का अपना यूनिक IMEI नंबर होता है,  इस बारें में मेरठ ज़ोन (Meerut Zone) के एडीजी राजीव सभरवाल (ADG Rajeev Sabharwal) ने बताया कि इस संधर्भ में एक मामला आया है और उस पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरु कर दी गई है. एडीजी मेरठ जोन ने कहा कि अगर यह टेक्निकल त्रुटि है तो उसकी भी जांच होगी और अगर कोई और मामला है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

साइबर सेल ने की पुष्टि

मेरठ ज़ोन के एडीजी राजीव सभरवाल ने आगे बताया कि 13 हज़ार से ज्यादा फोन का एक IMEI नम्बर पाया गया है. उन्होंने बताया कि 13 हज़ार से ज्यादा फोन एक IMEI नंबर पर एक्टिव हैं. ज़ोन कार्यालय में तैनात विभाग के अधिकारी से ही यह सूचना मिली है. विभाग के अधिकारी ने अपना फोन रिपेयर कराया था और रिपेयर के बाद उनके फोन की IMEI बदल गई थी. उन्होंने जोन कार्यालय में ही साइबर सेल में इस IMEI नंबर को चेक किया. इस जांच में सामने आया कि एक IMEI नंबर पर हज़ारों फोन एक्टिव हैं और बाद में जब इसी IMEI नंबर की जांच जनपद के साइबर सेल में चेक कराई गई तो भी यही खुलासा हुआ कि एक IMEI नंबर पर हज़ारों फोन एक्टिव हैं.

एडीजी ज़ोन ने कहा कि, साइबर सेल की जांच के बाद अब मेरठ के मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. उन्होंने कहा कि इस बाबत सघन जांच की जाएगी. अगर यह तकनीकी ख़ामी है तो भी जांच की जाएगी और अगर कोई और संगीन मामला है तो यकीनन कड़ी कार्रवाई की जाएगी. एडीजी ने कहा कि IMEI नम्बर किसी भी मोबाइल फोन का इंपॉर्टेंट पार्ट होता है और एक से ज्यादा फोन में सेम IMEI नंबर नहीं हो सकता. अब सवाल यह है कि यदि यह टेक्निकल मामला है तो पुलिस तंत्र में इतनी बड़ी गलती के से हुई और यदि मामला संगीन जुर्म करने के इरादे या कुछ और मंशा वाला है तो जहा खुद पुलिस के मोबाइल सुरक्षित नही है वहा आम जनता का तो भगवान् ही मालिक है.

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