क्या सिख दंगों के गुनहगारों को बचा रही थी कांग्रेस?

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वर्ष 1984 में हुए सिख दंगों के दोषियों को मंगलवार पटियाला हाउस कोर्ट में सज़ा सुनाई गई| एक आरोपी को फांसी तथा दूसरे को मृत्यु तक कारावास की सज़ा सुनाई गई| सज़ा का ऐलान होते ही सभी पीड़ित परिवार ख़ुशी से झूम उठे| न्याय मिलने पर सभी की आंखें अपनों की याद में नम हो गईं| वहीं अब इस मामले में राजनीति की जा रही है| दरअसल, केन्द्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में कांग्रेस पर जमकर निशानेबाजी की|

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इतने दिनों से आरोपियों को बचा रही थी| अब इस फैसले पर संतोष मिला| उन्होंने कहा, “इन दंगों की शुरुआत राजीव गांधी के दौर से हुई थी, उन्होंने तब बयान दिया था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती हिलती है| आज तक कांग्रेस ने उस बयान से खुद को अलग नहीं किया है| पिछले 34 साल में कांग्रेस पार्टी द्वारा योजनाबद्ध और सुनियोजित तरीके से इस बात की पूरी कोशिश की गई कि 1984 के नरसंहार के आरोपियों के खिलाफ कोई प्रामाणिक कार्रवाई नहीं हो|”

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के बारे में केंद्रीय मंत्री ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार ने जो इस मुद्दे पर एसआईटी बनाई थी, उसी के कारण कोर्ट से जल्द फैसला आया है| पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने इसको लेकर खेद जताया था, लेकिन माफी नहीं मांगी थी| कांग्रेस द्वारा बनाया गया वेद मारवाह कमीशन के काम को रोक दिया गया था, वहीं रंगनाथ मिश्रा कमीशन ने कहा था कि इसमें कोई षड्यंत्र नहीं था और उसके बाद उन्हें राज्यसभा भेज दिया गया था|”

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