केरल में बाढ़ के बाद अब ‘रैट वायरस’ का प्रकोप

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बाढ़ के कहर से केरल अभी ठीक से उभरा नहीं था कि एक खतरनाक बीमारी ने राज्य में दस्तक दे दी है। केरल में खतरनाक बीमारी ‘रैट वायरस’ का प्रकोप फैल रहा है। बीमारी इतनी खतरनाक है कि अब तक 43 लोगों की जान जा चुकी है। रविवार को ही इसकी चपेट में आने से 10 लोगों की मौत हो गई। वायरस को लेकर केरल में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सरकार सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठा रही हैं।

राज्य सरकार ने किया अलर्ट

घातक वायरस के कहर को देखते हुए राज्य सरकार ने जनता को सावधानी बरतने का अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य मंत्री कुमारी शैलजा ने कहा कि सरकार सभी जरूरी और एहतियाती कदम उठा रही है। बाढ़ के पानी के संपर्क में आने वाले लोगों से अपील की है कि वह सावधानी रखें। उन्होंने कहा कि जो लोग सफाई के कार्य में लगे हैं, उन्हें डॉक्सीसाइलिन की खुराक लेनी चाहिए। हालांकि मंत्री शैलजा ने लोगों से खुद कोई दवा लेने से मना किया। उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में जांच करवा कर ही दवाईयां ले।

कैसे फैलता है रैट फीवर

लेप्टोपाइरोसिस (रैट फीवर) आसानी से इंसानों में फैल जाती है। जंगली और घरेलू दोनों तरह के जानवरों का इन बैक्टीरिया को फैलना में बहुत अहम रोल होता है। अगर त्वचा कटी या छिली है तो, इसके संपर्क में जल्द आने की संभावना होती है। बैक्टीरिया खासतौर पर भीगी मिट्टी, घास या पौधों में पनपते हैं, जिनपर बैक्टीरिया से ग्रसित जानवर ने पेशाब किया हो। इसके अलावा संक्रमण दूषित खाने, दूषित चीज के शरीर पर चुभ जाने या पेय पदार्थ पीने से भी हो सकता है।

रैट फीवर के लक्षण

रैट फीवर के लक्षण में आने से व्यक्ति को तेज़ बुखार, सिरदर्द, शरीर मे दर्द, पेट मे दर्द और उल्टियां जैसे लक्षण सामने आते हैं।

रैट वायरस – इन अंगों पर प्रभाव

रैट फीवर से दिमाग(मेनिनजाइटिस), लीवर फेल और सांस लेने में परेशानी जैसे कई रोग हो सकते है।

पहले भी फैली बीमारी

इससे पहले भी 1999 में लेप्टोस्पाइरोसिस बीमारी फैली थी। उस वक्त भी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी थी कि बीमारी भविष्य में दोबारा हो सकती है। लेप्टोपाइरोसिस चूहों, कुत्तो और दूसरे स्तनधारियों में पाई जाती है, जो आसानी से इंसानों में फैलती है।

उड़ीसा में नहीं हुई पहचान

1999 में उड़ीसा में एक साइक्लोन आने के बाद फैली इस बीमारी को डॉक्टर पहचान नहीं पाए थे। उन्हें लगा था कि मृत्यु  दूसरी बीमारी के कारण हुई। लेकिन केरल के हालात को देख स्वास्थ्य सेवा निदेशालय मे डॉक्टरों से कहा है कि किसी भी बुखार के साथ शरीर में दर्द होता है,तो इसका इलाज लेप्टोस्पाइरोसिस के अनुसार किया जाए।

केरल के पांच राज्य में अलर्ट

केरल में अब तक 300 से अधिक लेप्टोस्पाइरोसिस के संदिग्ध मामले सामने आए हैं। राज्य स्वास्थ्य निदेशालय ने कोझीकोड समेत पांच जिलों के लिए लेप्टोस्पाइरोसिस अलर्ट जारी किया है। अर्नाकुलम, मलापुरम, त्रिशूर, पलक्कड़ और कोझीकोड में इस बीमारी के अधिक मामले सामने आए हैं।

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