राहुल गांधी की संपत्ति को लेकर रणदीप सुरजेवाला का ट्वीट और उसकी असलियत

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दुनिया के साथ इस वक्त हिंदुस्तान भी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहा है रहा है . ऐसे में देश की सरकार ने बड़ा ऐलान करते हुए 20 लाख करोड़ की राहत राशी देश के नाम करने का फैसला लिया, जिसकी कथनी और करनी के फर्क को कई बुद्धिजीवियों ने जनता के सामने लाने का प्रयास किया है और जो फिलहाल भी जारी है. ऐसे में कांग्रेस नेता रणदीप दीप सिंह सुरजेवाला का एक ट्वीट सोशल मीडिया में वायरल हो चला है. इस ट्विट के  स्क्रीनशॉट के मुताबिक सुरजेवाला लिखते है कि – “20 लाख करोड़ का सुनकर जो लोग फूले नहीं समा रहे हैं ना….उनको बात दूं यह राहुल गांधी की कुल संपत्ति का 1% भी नहीं है”. 

अब इस पर प्रतिक्रियाओ का दौर जारी है . 24 मई 2020 को हिन्दू अनुराग ठाकुरनामक यूज़र ने ये तस्वीर फेस बुक के एक ग्रुप पर साँझा करते हुए लिखा  “सुर्जेवाला जी बहुत-बहुत धन्यवाद गाँधी परीवार की असलियत सामने लाने के लिए.

और भी कई तरह के सवाल जवाब और प्रतिक्रियाएं आ रही है लेकिन असलियत इससे कोसो दूर नजर आती है . 

यह है असली माजरा

देखा जाये तो यह ट्वीट तस्वीर के अनुसार 13 मई 2020  दोपहर के 2 : 45 मिनट का है . अब जब इस आधार पर रणदीप सिंह सुरजेवाला के ट्विटर अकाउंट तक तलाश की गई तो वहा से ऐसा कोई ट्विट करने के कोई सुबूत नहीं मिले . गौर किये जाने पर वायरल तस्वीर में कई त्रुटियाँ नजर आती है जो इसे गलत साबित करने के लिए पर्याप्त है जैसे -सुरेजवाला की प्रोफ़ाइल पिक्चर . ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट की प्रोफ़ाइल पिक्चर और यह तस्वीर एक दुसरे से कही मेल नही खाती. इसके आलावा वायरल इमेज की टेक्स्ट प्रोफ़ाइल और अन्य चीज़े भी ऑफ़िशियल ट्विटर अकाउंट से अलग है .

ऐसे में नतीजा यही निकला की कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला के ट्वीट का यह स्क्रीनशॉट असलियत से कोई ताल्लुक नही रखता. सच तो यह है कि सुरजेवाला ने ऐसा कोई ट्वीट नहीं किया.

बहरहाल कोरोना से लड़ते हुए सरकार परेशान है और भारत जेसे देश ने भी कोरोना महामारी के नाम पर विश्व बैंक से भारी भरकम मदद ली है, साथ ही पीएम केयर फण्ड के नाम पर अरबों रुपए का दान समूचे भारत से आया . लेकिन विपक्ष और जानकारों की ओर से सवालियां निशान यह है कि जब सारें खर्च जनता उठा रहीं है मसलन रोजमर्रा की जरुरत से लेकर कोरोना की टेस्टिंग तक जो की बड़ी महँगी है, मास्क, जैसी सारी चीज़े, मजदूरों को लाने का खर्चा भी मजदुर ही उठा रहे है तो फिर सरकार क्या कर रही है .ऊपर से अर्थव्यवथा भी तो जनता के सबसे काबिल लोगों के कंधो पर है जिनके पैर डगमगा जाये तो भी वे शराब के ठेके तक पहुँचने के पहले भारत के भाग्य विधाता होने का कर्तव्य निभाएंगे ही . अब यहाँ कोई किसी को देशद्रोही न करार दे.. 20 लाख करोड़ की सहायता राशि मतलब 15 हजार रुपए प्रति व्यक्ति का ऐलान हुआ. अब लोग तो यह भी कह रहे है की सहायता पुराने बैंक अकाउंट जिनमे 15 लाख का जुमला आया था उसी में आयेगी या नया अकाउंट खुलवाना होगा. क्या असलियत के धरातल पर यह सहायता सही हकदारों तक पहुंचेगी यह भी एक बड़ा सवाल है. फिलहाल अफवाहों से बचते हुए पुलिस और डाक्टर्स के साथ जितने भी मद्ददगार है जी-जान से लड़ रहे है जो जनता को भी दिख रहा है वही सरकार इस पर खुद की पीठ थपथपा रही है, मतलब नाचे कूदे बंदरीयां और खीर खाए …….फ़क़ीर.  

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