मप्र में 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं बर्बाद, क्या जवाब देगें शिवराज

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मध्यप्रदेश में बारिश में भींगने से पहले ही टेलेंटेड इंडिया न्यूज़ सहित कई जिम्मेदार मीडिया हाउस ने मप्र की शिवराज को चेताया था कि यदि समय रहते उपार्जन केन्द्रों से गेहूं नहीं उठाया गया तो लाखों टन गेहूं बारिश से बर्बाद हो जायेगा. लेकिन आत्ममुग्धता के चलते शिवराज सरकार ने इन ख़बरों पर ध्यान नही दिया नतीजा ख़बरें सही साबित हुई और आज किसान की लाखों टन मेहनत और लोगो की भूख मिटा सकने वाला लाखों टन अनाज बारिश में भीग कर सड़ रहा है. अब केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने सरकार से इस पर रिपोर्ट मांगी है.

मप्र में अनाज खरीदी और शिवराज के दावे का सच

 

केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि हमें एक राज्य की मंडियों में रखे अनाज के खराब होने के बारे में पता चला है. हमने राज्य के मुख्यमंत्री से बात कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. इस मामले पर विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने कहा है कि केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जिस एक राज्‍य की बात कह रहे हैं वह राज्‍य मध्‍य प्रदेश है. लेकिन पासवान बीजेपी के दबाव प्रभाव के चलते राज्य का नाम लेने से बचते रहे .

गौरतलब है कि अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान के कारण मध्‍य प्रदेश में भी बारिश हुई और लाख चेतावनियों के बाद भी प्रशासन की लापरवाही से मंडियों में रखा लाखों टन गेहूं भीग .सरकार राज्‍य में सबसे ज्‍यादा गेहूं खरीदी का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रही है , लेकिन किसानों से गेहूं खरीदने की उपयुक्‍त व्‍यवस्‍था और गेहूं का भंडारण करने की असलियत सबके सामने है.  अब खुले में रखा लाखों बोरी माल तिरपाल और प्‍लास्टिक से कहा तक ढंक सकता था इसकी गवाह बारिश के बाद की तस्वीरें साफ कर चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्यभर में तकरीबन 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं बर्बाद हुआ है. इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी व ग्वालियर-चंबल संभाग के इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए.  केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने राज्य सरकार ने इस पर रिपोर्ट मांगी है.

केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने ट्वीट कर कहा है कि मीडिया के माध्यम से हमें एक राज्य की मंडियों में रखे अनाज के खराब होने के बारे में पता चला है. हमने राज्य के मुख्यमंत्री से इस विषय में बात की है और इसपर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के इस ट्वीट पर कांग्रेस ने कहा है कि वे अगर राज्य के नाम का जिक्र कर देते तो भाजपा उनके कैरेक्टर पर शक करती. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल से कहा गया है कि ‘यहाँ पर मंत्री जिस राज्य का ज़िक्र कर रहे हैं, उसका नाम है, “मध्यप्रदेश” और  जिस मुख्यमंत्री का ज़िक्र कर रहे हैं, उनका नाम शिवराज सिंह चौहान है. हालांकि नाम लिखने के लिए करेक्टर कम नहीं थे, लेकिन अगर मंत्री जी नाम लिख देते तो शायद भाजपा इनके “करेक्टर” पर शक करती.

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