इन नेताओं के किस्मत के दरवाजे खुले…

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राजस्थान का चुनावी संग्राम खत्म हो गया। वहीं नई सरकार बनते ही कई बड़े राजनीतिक उलटफेर देखने को मिल रहे हैं। इन बदले समीकरण के बीच कई नेता ऐसे भी हैं, जिनके किस्मत के दरवाजे खुल गए, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा शुरू हो गई कि अब इन नेताओं के  चेहरों पर मुसर्रत साफतौर पर झलक रही है।

राजस्थान के राजनीतिक मैदान में भाजपा को हराकर कांग्रेस सत्ता के गद्दी पर बैठ गई है। पूरे चुनाव के दौरान मचे सियासी शोर और नारों की गूंज के बीच कई नेताओं के नसीब बदल गए। बात ऐसे नेताओं की तो सबसे पहले नाम कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी का आता है, जो पिछला चुनाव मात्र 1 वोट से हार गए थे। वहीं इस बार के राजनीतिक मैदान में प्रतापसिंह खाचरियावास, बीडी कल्ला सहित कई ऐसे नेताओं के नाम भी सामने आए, जिनकी राजनीतिक किस्मत के दरवाजे खुल गए। खास बात है कि इनमें कई नेता ऐसे हैं, जो अशोक गहलोत सरकार में गठित होने वाले मंत्रि परिषद के लिए भी दावेदारी जता रहे हैं।

इन नेताओं के किस्मत के दरवाजे खुले 

सीपी जोशी

10 साल के बाद चुनाव में मैदान में उतरे सीपी जोशी की तरफ निगाहें शुरुआत से बनी रही। चुनाव से पहले जोशी से पार्टी ने सभी राज्यों के प्रभार वापस ले लिए। इस बार जोशी को मिली जीत के बाद से कयास लगाए जा रहे हैं कि गहलोत सरकार के दौरान उन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।

बीडी कल्ला

पिछले दो चुनाव में गोपाल जोशी से हार का सामना कर रहे बीडी कल्ला एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो कि दो बार चुनाव हारने के बाद भी इस बार कांग्रेस का टिकट पाने में कामयाब रहे।

प्रताप खाचरियावास

एक बार विधायक रह चुके प्रतापसिंह खाचरियावास ने इस बार सिविल लाइंस सीट से अरुण चतुर्वेदी को हराकर जीत हासिल की है।

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