150 लाख रुपए का ज़ुर्माना

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लंबी दूरी की यात्रा करते समय अधिकांश यात्री ट्रेन में ही खाना मंगवाते हैं। खराब खाने को लेकर रेलवे प्रशासन को लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं। हर साल की तरह इस साल भी रेलवे को खाने की क्वालिटी को लेकर कई शिकायतें प्राप्त हुईं। इस साल अक्टूबर माह तक के आंकड़ों के अनुसार रेलवे को इस संबंध में साढ़े 7 हजार से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। यह जानकारी केंद्रीय रेल राज्यमंत्री राजेन गोहाई ने बुधवार को लोकसभा में दी। 

एक लिखित सवाल के जवाब में गोहाई ने जानकारी दी कि अक्टूबर माह तक साढ़े 7 हजार से ज्यादा लोग खराब खाने की शिकायत कर चुके हैं। इन शिकायतों में सबसे ज्यादा 6,261 शिकायतें इंडियन रेलवे कैटरिंग टूरिज्म (IRCTC) के माध्यम से प्राप्त हुईं। दूध और पानी को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें मिली हैं। गोहाई ने जानकारी दी कि ऐसे वेंडर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए तकरीबन 155 लाख का जुर्माना लगाया गया है।

गोहाई ने कहा कि 2,322 वेंडर्स को इस संबंध में चेतावनी दे दी गई है जबकि एक वेंडर्स के अनुबंध को निरस्त कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। रेलवे ने 555 शिकयतों को निराधार बताया है। इसी साल यात्रियों की शिकायत पर रेलवे ने, ट्रेन में पक रहे खाने का सीधा प्रसारण यात्रियों को दिखाने की सुविधा उपलब्ध करवाई है।

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